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Sirsa News: सीडीएलयू में त्रिवेणी युवा महोत्सव का भव्य आगाज

Mon, 26 Oct 2026 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। सीडीएलयू में त्रिवेणी महोत्सव से पहले  पंजाबी नृत्य के माध्यम से झांकी निकालते हुए कलाका
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35 संबद्ध महाविद्यालयों की टीमों ने लिया हिस्सा, लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर हुआ परिसर
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भांगड़ा, हरियाणवी लोकनृत्य और छठ पूजा की प्रस्तुतियों ने बांधा समा

संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में रविवार को 13वें त्रिवेणी युवा महोत्सव-2026 का शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय के युवा कल्याण निदेशालय ने इस चार दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया। इसकी शुरुआत परिसर में निकाली गई सांस्कृतिक शोभायात्रा से हुई। महोत्सव की थीम युवा उमंग, संस्कृति के संग रखी गई है।
इस महोत्सव में विश्वविद्यालय के शिक्षण विभागों ने भागीदारी की। साथ ही, 35 संबद्ध महाविद्यालयों की टीमों ने भी इसमें हिस्सा लिया। महोत्सव का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद गणेश वंदना, वंदे मातरम् और विश्वविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया गया।
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पंडित लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा) के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सीडीएलयू के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बीआर काम्बोज विशिष्ट अतिथि रहे।
फतेहाबाद के उपायुक्त डॉ. विवेक भारती भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के आईटी प्रमुख सौरव दीक्षित भी विशिष्ट अतिथियों में शामिल थे। अधिष्ठाता युवा कल्याण प्रो. मंजू नेहरा ने सभी उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया।
संस्कृति से जुड़ाव का महत्व
सीडीएलयू के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि युवाओं के लिए आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति से जुड़े रहना जरूरी है। उन्होंने बताया कि महोत्सव की थीम युवा उमंग, संस्कृति के संग इसी उद्देश्य से रखी गई है। प्रो. कुमार ने भारतीय संस्कृति को मानवता, सद्भाव और परस्पर सम्मान का संदेश देने वाली बताया। उन्होंने हरियाणा और पंजाब की धरती को सबके कल्याण और पूरे विश्व को परिवार मानने की भावना का प्रतीक कहा। सुपवा के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने प्रतिभागियों की ऊर्जा और टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा महोत्सव प्रतिभा निखारने और रचनात्मक सोच विकसित करने का अवसर देते हैं। डॉ. आर्य ने युवाओं को अपनी जड़ों और समृद्ध विरासत से जोड़ने को त्रिवेणी महोत्सव का मुख्य उद्देश्य बताया।
स्वामी विवेकानंद के विचार प्रेरणादायी
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बीआर कंबोज ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने को कहा। प्रो. कंबोज ने जीत-हार की चिंता किए बिना समर्पण के साथ प्रदर्शन करने पर जोर दिया। फतेहाबाद के उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों की भागीदारी को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन आत्मविश्वास, अनुशासन, सहयोग और नेतृत्व जैसे गुण विकसित करते हैं। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के आईटी प्रमुख सौरव दीक्षित ने सहभागिता, मेहनत और संघर्ष को जीत-हार से अधिक महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों दिखी संस्कृति की झलक
उद्घाटन समारोह में विद्यार्थियों ने विविध लोक परंपराओं की झलक दिखाई। उन्होंने भांगड़ा, हरियाणवी लोकनृत्य और छठ पूजा पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगी वेशभूषा, लोक संगीत और ऊर्जावान प्रस्तुतियों से परिसर उत्सवमय हो गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार उपस्थित थे। डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. सुशील कुमार और अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. सुरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. राम मेहर दीक्षित सहित प्रो. मोहम्मद काशिफ किदवई, प्रो. सुल्तान ढांडा, प्रो. आरके सलार, प्रो. रंजीत कौर और ब्रह्मजीत सिंह भी उपस्थित थे। मंच संचालन डॉ. चरणप्रीत, डॉ. टिम्सी मेहता और डॉ. शमशेर कासनिया ने किया।
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