श्री अखंड पाठ में पहुंची साध संगत
कालांवाली। डेरा जगमालवाली के गद्दीनशीन रहे संत गुरबक्श सिंह मैनेजर साहिब व संत बहादुर चंद वकील साहिब की पुण्य स्मृति में ग्रामीणों और सेवा समिति के सहयोग से गुरुद्वारा जीवन सुधार साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब का आयोजन किया गया। 6 अगस्त को प्रकाश डाले गए पाठ का शुक्रवार को भोग डाला गया। श्रद्धासुमन सभा में जगमालवाली, कालांवाली सहित प्रदेशभर से आई सैकड़ों साध संगत ने भाग लिया।
संगत ने संतों के सेवा व समर्पण को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धालुओं ने कहा कि दोनों संतों ने जीवन पर्यंत नशामुक्ति, सेवा भावना व आध्यात्मिक जागरूकता के क्षेत्र में अपार योगदान दिया। कार्यक्रम में नाम सिमरन व गुरबाणी कीर्तन के बाद गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। इस मौके पर मलकीत सिंह, राजा सिंह, हंत सिंह, किल्ला सिंह, मग्घर सिंह, गुलाब सिंह, राका सिंह, नरेश गोयल मौजूद रहे।
गांव गदराना में आध्यात्मिक कार्यक्रम कल
डेरा जगमालवाली के पूर्व गद्दीनशीन संत बहादुर चंद वकील साहिब की पहली बरसी के उपलक्ष्य में गांव गदराना में 10 अगस्त को विशेष आध्यात्मिक आयोजन होगा। यह कार्यक्रम रात्रि 8 बजे से 11 बजे तक आयोजित किया जाएगा। 8 बजे से 10 बजे तक सिमरन क्लास, 10 से 11 बजे तक मजलिस का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में गदराना, जगमालवाली, कालांवाली सहित दूर-दराज की साध संगत भाग लेगी।
महात्मा विरेंद्र ढिल्लों से दूरी बना रही साध संगत
डेरा जगमालवाली के गद्दीनशीन रहे संत बहादुर चंद वकील साहिब के चोला छोड़ने के एक साल बीतने के बावजूद भी साध संगत में महात्मा विरेंद्र ढिल्लों के प्रति नाराजगी दिखाई दे रही है। वह संत बहादुर चंद वकील साहिब और उनसे पहले रहे संत महात्माओं को ही अपना गुरु मानती है। साध संगत महात्मा विरेंद्र ढिल्लों से अलग कार्यक्रम कर रही है। गांव जगमालवाली में करवाए गए श्री अखंड पाठ और गांव गदराना में होने वाला कार्यक्रम भी उनसे अलग रखे गए हैं।