सिरसा। किसान आंदोलन के कारण जिलेभर व दूसरे राज्यों से सिरसा व बठिंडा जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अपने निजी वाहनों से सफर करने वालो, भारी वाहन चालकों, सरकारी बसों और प्राइवेट बसों के लिए ट्रैफिक पुलिस जगह जगह दिशा सूचक बोर्ड लगा रही है। ट्रैफिक एसएचओ धर्मचंद्र स्वयं इन बोर्ड को लगवा रही है, जिन रास्तों से गुजरकर सिरसा, बठिंडा, हनुमानगढ़, डबवाली आदि एरिया में जाना है। उनके नाम उन पर लिखे होते हैं।
इधर जहां आम वाहन चालक और भारी वाहन चलाने वाले लोग ट्रैफिक पुलिस के दिशा सूचकों का प्रयोग कर रहे हैं। वहीं शहर की निजी बसों को चलाने वाले चालक व परिचालक इसको मान नहीं रहे हैं। दोपहर 1 बजे जब डबवाली हाईवे पर पंजुआना नहर पर दिशा सूचक लगाने के दौरान ट्रैफिक एसएचओ ने प्राइवेट बस को रोककर दूसरे रूट से जाने के लिए कहा, लेकिन प्राइवेट बस चालक ने उनकी बात नहीं मानी। इस पर एसएचओ ने आरटीए कार्यालय को अवगत करवाया।
सड़क टूटने व भीड़ होने से गांवों में बढ़ रहा विरोध
गांवों में प्रशासन की ओर से सिंगल रोड बनवाए हुए हैं, जो भारी वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। 12 तारीख के बाद से निरंतर भारी वाहन इन सड़कों से गुजर रहे हैं। इतना ही नहीं, गांवों की गलियों से चौपहिया और कामर्शियल वाहन गुजरने से हादसों का भय बना रहता है। मल्लेआना, सहारणी, केलनिया, झोरड़नाली व नेजाडेलां कलां आदि शहर के साथ लगते गांवों में तो काफी बुरे हालात हैं। सैंकड़ों वाहनों के गुजरने से बुुजुर्गों और बच्चों का गलियों से निकलना मुश्किल हो गया है। वाहनों के गुजरते समय गांव में धूल के गुबार उठते रहते हैं। वहीं रात के समय लोगों का शोर के कारण सो पाना मुश्किल हो गया।
सिंगल रोड होने से पलटा ऑटो
गांव मल्लेआना को आने वाले सिंगल रोड पर दोपहर को एक ऑटो भारी वाहन को साइड देने के चलते पलट गया। गनीमत रही कि ऑटो में बैठे चालक और सवारियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। इस कारण सिंगल रोड पर लंबा जाम लग गया।
हाईवे से लेकर गांव-गांव तक दिशा सूचक बोर्ड लगाए गए हैं। गांवों के नामों और गंतव्य तक को अंकित किया गया है। जिससे की वाहन चालकों को परेशानी सामना न करना पड़े। भारी वाहनों और प्राइवेट बसों से अपील है कि वह रूट के अनुसार ही गांवों से गुजरे, ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
-धर्मचंद्र, यातायात प्रभारी