-शहर के चौक-चौराहों के बीच दूरी कम होने के कारण कारगर नहीं हैं ट्रैफिक लाइटें : प्रभारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर यातायात को कंट्रोल करने के उद्देश्य से नगर परिषद की ओर से लगाई गईं लाइटें ट्रैफिक पुलिस विभाग को रास नहीं आ रही हैं। इस कारण ट्रैफिक पुलिस की तरफ से लाइटों को बंद कर अपने कर्मी तैनात कर यातायात को नियंत्रण किया जा रहा है।
शहर के सांगवान चौक, लाल बती चौक, भूमण शाह चौक पर ट्रैफिक लाइटें लगाई गई थीं। लंबे समय से लाइटें कार्य नहीं कर रही हैं। स्थानीय लोगों को कहना है कि लाइटें काफी लंबे समय से बंद पड़ी हैं। इस कारण शहर में जाम की स्थिति बन जाती है। वहीं, दूसरी और ट्रैफिक पुलिस प्रभारी सुखदेव का कहना है कि लाइटें बंद कर ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि यातायात नियंत्रण रह सके।
प्रभारी का कहना है कि शहर में एक ही मार्ग पर दो से तीन चौक होने के कारण दोनों चौक के बीच दूरी कम रहती है। इस कारण ट्रैफिक लाइटों के कारण रुके हुए वाहनों के बीच एंबुलेंस सहित आपात गाड़ियां फंस जाती हैं। इस कारण लाइटों को बंद कर पुलिसकर्मियों की सहायता से पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को नियंत्रण किया जा रहा है।
प्रभारी का मानना है कि शहर में कहीं भी जाम की स्थिति नहीं बन रही है। दोपहर के समय स्कूलों की छुट्टी होने के समय स्कूली बसों की वजह से थोड़ा-बहुत यातायात प्रभावित होता है। लेकिन उसे भी जल्दी ही नियंत्रण कर लिया जाता है।
बुधवार को संवाद न्यूज एजेंसी के संवाददाता ने शहर में ट्रैफिक व्यवस्था की पड़ताल की। इस दौरान संवाददाता ने बरनाला रोड की स्थिति को देखा। बरनाला रोड पर ट्रैफिक लाइटें बंद होने के कारण लोग यातायात नियमों को तोड़ कर उल्टे रास्ते से ही वाहनों को ले जा रहे हैं। देखा कि शहर में कई जगह जाम की स्थित बन जाती है। चतरगढ़पट्टी फाटक बंद होने के बाद तो डबवाली रोड पर हालात और भी बुरे हो जाते हैं।
बरनाला रोड शहर का मुख्य मार्गों में से एक है। इस मार्ग पर ही शहर का खेल स्टेडियम, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, जेसीडी विद्यापीठ, कोर्ट-कचहरी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सेक्टर सहित अधिकारियों का निवास भी स्थित है। लेकिन ट्रैफिक लाइटें बंद होने से यहां कि यातायात स्थिति बिगड़ रही है। मार्ग के हालात ये हैं कि हर दस मिनट बाद यहां जाम की स्थिति बन जाती है। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस कर्मी जाम को नियंत्रण करने का प्रयास करते हैं। लेकिन जाम में फंसे वाहन चालकों को इंतजार कर रेंगते हुए ही वाहनों को चलाना पड़ रहा है।