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Sirsa News: पीएमश्री राजकीय स्कूल के शौचालय बदहाल, खुले में शौच जाने को छात्र मजबूर

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रोड़ी में खस्ताहाल होने के कारण शौचालय में टूटी टोंटी। संवाद
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गुरप्रेम सिंह
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रोड़ी। प्रदेश और केंद्र सरकार खुले में शौच मुक्त अभियान के तहत बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर स्थितियां इसके विपरीत होती हैं। विशेष रूप से सरकारी स्कूलों में शौचालयों की हालत बेहद दयनीय है। गांव रोड़ी स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की स्थिति इस बात का उदाहरण है। यहां के शौचालयों की हालत खस्ता है। विद्यार्थियों के लिए बने शौचालयों में गंदगी का आलम है। फ्लश, टॉयलेट सीट और यूरिनल टूटे होने की वजह से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा शौचालय में हाथ धोने के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके कारण विद्यार्थियों को वाटर कूलर से पानी का इस्तेमाल करना पड़ता है।

यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब विद्यालय के प्रबंधन का ध्यान इस ओर नहीं जाता। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, शौचालय की टंकी और टूटियां बाहरी लोग तोड़ देते हैं, जो खेल परिसर का इस्तेमाल करते हैं। संवाद
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बदहाल शौचालय पर प्राचार्य बोले- मुझे जानकारी नहीं

राजकीय स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक कुल 400 विद्यार्थी है। स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था है। छात्राओं के लिए बने शौचालयों में व्यवस्था ठीकठाक है, जबकि छात्रों के लिए बने शौचालयों की हालत बहुत बदतर है। स्कूल के नए प्राचार्य का जवाब बेहद हैरान करने वाला है। वे कहते हैं कि उन्हें इन चीजों के बारे में जानकारी नहीं है। स्कूल का पूरी तरह से जायजा लेना एक प्राचार्य का पहला कर्तव्य होता है। लेकिन सरकारी स्कूल में इस तरह की गंभीरता देखने को नहीं मिलती है।





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इस बारे में मुझे इतनी जानकारी नहीं है। कुछ समय पहले ही प्राचार्य के तौर पर कार्यभार संभाला है। अर्थशास्त्र के प्रोफेसर गुरतेज सिंह ही पूर्व में सब देखते थे। उन्हें ही इसकी जानकारी होगी। - राजवीर सिंह, प्राचार्य, पीएम श्री राजकीय स्कूल रोड़ी।
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छात्रों के लिए नए शौचालय बनवाए जा रहे हैं, जोकि लगभग 15-20 दिन तक तैयार हो जाएंगे। छात्रों के शौचालय खेल परिसर के साथ हैं। विद्यालय की छुट्टी होने के बाद बाहरी लोग आकर शौचालयों का प्रयोग करते हैं और उनमें तोड़फोड़ करते हैं। - गुरतेज सिंह, प्रोफेसर अर्थशास्त्र, विद्यालय रोड़ी।
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