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सांसद के ट्वीट व आश्वासन के बाद दिया एक सप्ताह का समय

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time given 1 weakafter MP Sumita's tweet assurance - फोटो : Sirsa
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स्थानीय चौटाला रोड स्थित अग्निकांड स्मारक स्थल के प्रांगण में रविवार को रेल संघर्ष समिति से जुड़े सदस्यों की बैठक संपन्न हुई। इसमें जम्मूतवी एक्सप्रेस गाड़ी के डबवाली रेलवे स्टेशन पर ठहराव को लेकर आगामी रणनीति बनाने पर विचार किया गया। बैठक में चर्चा करते हुए रेल संघर्ष समिति सदस्यों ने कहा कि सिरसा सांसद सुनीता दुग्गल के ट्वीट के चलते यह निर्णय लिया गया कि सिरसा सांसद द्वारा रेलगाड़ी रुकवाने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने एक सप्ताह का समय मांगा है, इसलिए सांसद को मौका दे दिया जाए। डेडलाइन समाप्त होने के बाद नए सिरे से आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। बता दें कि रेल संघर्ष समिति ने डबवाली रेलवे स्टेशन पर जम्मूतवी का ठहराव करवाने के लिए 27 जनवरी को रोष प्रदर्शन करते हुए चार फरवरी को रेलगाड़ी रोकने की चेतावनी दी थी।
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27 जनवरी को दिया था दो घंटे का सांकेतिक धरना
बता दें कि रेल संघर्ष समिति ने डबवाली के ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन पर जम्मूतवी का ठहराव करवाने के लिए 27 जनवरी को रोष प्रदर्शन करते हुए दो घंटे का सांकेतिक धरना देते हुए तीन फरवरी के अल्टीमेटम के साथ चार फरवरी को रेलगाड़ी रोकने की चेतावनी दी थी। इससे पूर्व भी जन्मभूमि एक्सप्रेस तथा नांदेड़ साहिब एक्सप्रेस गाड़ी के डबवाली में ठहराव के लिए लोगों को काफी समय तक संघर्ष करना पड़ा था। यदि जम्मूतवी एक्सप्रेस डबवाली नहीं रुकी तो बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
नेताओं ने डबवाली स्टेशन को किया नजरअंदाज
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि डबवाली रेलवे स्टेशन का ऐतिहासिक महत्व है। पूर्व उपप्रधानमंत्री दिवंगत ताऊ देवी लाल, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौ. ओमप्रकाश चौटाला अक्सर रेलगाड़ी में सफर करते थे और दिल्ली व चंडीगढ़ से डबवाली रेलवे स्टेशन पर पहुंचते थे। इतना इतिहास संजोये डबवाली स्टेशन को रेलवे और राजनेताओं ने सदैव नजरअंदाज किया है। इन्होंने कहा कि यहां रेलगाड़ी का ठहराव करना रेलवे की प्राथमिकता होनी चाहिए थी, वहीं लोगों को संघर्ष करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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15 जनवरी को बठिंडा से जोधपुर तक हुआ था विस्तार
रेलगाड़ी संख्या 19225-19226 का विस्तार 15 जनवरी को बठिंडा से जोधपुर तक हुआ था। हरियाणा के एकमात्र डबवाली रेलवे स्टेशन पर ठहराव नहीं किया गया। रेल संघर्ष समिति को ऐतिहासिक डबवाली रेलवे स्टेशन पर गाड़ी के ठहराव के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इस दौरान बैठक में विनोद बांसल, पवन गर्ग, रवि चौटाला, सत्यप्रकाश यादव, कुलदीप सिंह बराड़, भारत भूषण, चतर सिंह, अजय छाबड़ा, रवि कुमार ऐडवोकेट, रविंद्र बबलू पार्षद, गुरमेल सिंह, सुखवंत सिंह चीमा, ऐडवोकेट वैभव, रमेश बागड़ी, सुरिंद्र मित्तल, भारत वधवा, पवन गर्ग, सुरेंद्र कालड़ा तथा रमेश कुमार मौजूद थे।
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