सिरसा। बिना लाइसेंस केमिस्ट की दुकान खोलकर एलोपैथिक दवाओं का स्टॉक व बिक्री करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल कैद व एक लाख 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार जून 2010 को जिला औषधि निरीक्षक रजनीश कुमार को सूचना मिली थी कि गांव ममेरा कलां निवासी छोटू राम ने बिना लाइसेंस केमिस्ट की दुकान खोल रखी है और अवैध रूप से एलोपैथिक दवाओं की बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर जिला औषधि निरीक्षक ने 18 जून 2010 को दुकान को सील कर दिया। दुकान में 11 तरह की एलोपैथिक दवाओं का स्टॉक पाया गया। छोटू राम लाइसेंस पेश करने में असफल रहा। दवाओं की बिक्री का भी कोई दस्तावेज उसके पास नहीं मिला। इसके बाद छोटू राम के खिलाफ अदालत में केस फाइल किया गया। मामले का निपटारा करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. अशोक कुमार ने छोटू राम को तीन साल कैद एक लाख 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी छोटू राम ने न्यायालय से गुहार लगाते हुए कहा था कि उसके परिवार में वह ही अकेला कमाने वाला है। उसके मां-बाप बुजुर्ग हैं, इसलिए सजा में नरमी बरती जाए। सरकारी वकील ने न्यायालय से कहा कि दोषी नरमी का पात्र नहीं, इसलिए सजा में नरमी न दिखाई जाए।