रोड़ी। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद रोड़ी क्षेत्र में नशे से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। इस साल जनवरी से अब तक तीन युवाओं की नशे से मौत हो चुकी है। यह हाल तब है, जब पंजाब से लगते इस क्षेत्र में नशे पर नकेल के लिए पुलिस नाके लगाने से लेकर गश्त तक कर रही है। एडीजीपी की विशेष टीम युवाओं को जागरूक करने के लिए गांव-गांव पहुंच रही है और उनको खेल गतिविधियों में शामिल कर रही है। पुलिस की इस तत्परता का तोड़ निकालते हुए तस्कर खेतों और दूसरे रास्तों से नशा यानि मौत का सामान पहुंचा रहे हैं। इससे कोई जवान बेटा खो रहा है तो किसी के सिर से पिता का साया उठ रहा है।
शुक्रवार को जिस 35 वर्षीय युवक की नशे के कारण मौत हुई है, वह अपनी बहन का इकलौता भाई था। परिवार का सहारा और एक अच्छा कबड्डी खिलाड़ी। नशे की लत ने इस परिवार को तो उजाड़ा ही, परिवार का सहारा भी छीन लिया।
नशे को लेकर एसपी के प्रयास साबित हो रहे नाकाफी
18 दिसंबर को एसपी सिरसा विक्रांत भूषण रोड़ी थाना में पहुंचे थे। वहां पर भी ग्रामीणों ने एसपी को पंजाब की तरफ से हो रही नशे की सप्लाई को रोकने के लिए जटाना कलां रोड और फत्ता बालू रोड पर नाकेबंदी की मांग की थी। इस पर एसपी विक्रांत भूषण के द्वारा दोनों रास्तों को सील करवा और विशेष नाकेबंदी करवा दी। लेकिन पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण के विशेष प्रयास व पुलिस की मुस्तैदी भी काम नहीं आई। तस्कर खेतों के जरिये नशे की आपूर्ति करने लगे।
नशे ने छीन लिया सहारा
केस एक
2 जनवरी 2025 की सुबह रोड़ी क्षेत्र में बस स्टैंड के नजदीक झाड़ियों में 24 वर्षीय जस्सा सिंह का शव पड़ा हुआ मिला था। शव के पास ही नशे के लिए प्रयोग किए जाने वाला इंजेक्शन भी मिला था। जस्सा की एक साल पहले ही शादी हुई थी और मौत के चार दिन पहले ही वह पिता बना था। इस तरह नशे से हुई मौत ने एक मासूम के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया।
केस दो
गोरख चिट्टे और मेडिकल दोनों तरह का नशा करता था। पांच दिनों से नशा नहीं मिलने के कारण उससे तलब बर्दाश्त नहीं हुई तो उसने घर में पड़ी पुरानी गोलियों का इंजेक्शन बनाकर खुद को लगा लिया था। डोज ज्यादा होने से 15 जनवरी की रात उसकी मौत हो गई थी। इस मौत से परिवार को गहरा सदमा लगा। पिता को डर सताने लगा है कि कहीं दूसरा बेटा भी नशे के चक्कर में न पड़ जाए।
केस तीन
मौत का सिलसिला फरवरी में भी नहीं थमा। 7 फरवरी को भी रोड़ी के एक 35 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी की नशे से मौत हो गई। की मौत हो गई। वह कबड्डी का खिलाड़ी था। रात आठ बजे घर के नजदीक गली में बेसुध पड़ा हुआ था। पड़ोसियों ने उसे रोड़ी के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। उसकी सात वर्ष पहले शादी हुई थी और दो साल पहले वह दो जुड़वा बेटियों का पिता बना था।
पंजाब से आने वाली सप्लाई बनी सरदर्द
पंजाब के साथ लगते क्षेत्र में मेडिकल नशा और चिट्टे का असर ज्यादा है। पुलिस निरंतर कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है लेकिन मेडिकल नशा पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। वजह, कुछ ऐसी दवाइयां है, जो एनडीपीएस एक्ट के तहत नहीं आती। इस कारण मेडिकल नशा आसानी से युवाओं को उपलब्ध हो जाती है।
पंजाब से पहुंची पुलिस नशा तस्कर के घर पर चस्पा किया नोटिस
रोड़ी। पंजाब पुलिस ने रविवार को गांव रोड़ी पहुंची। पुलिस ने नशा तस्कर के घर पर कोर्ट में पेश न होने को लेकर नोटिस चस्पा किया। नोटिस के मुताबिक रोड़ी निवासी जग उर्फ गग्गू को औषधि और सनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम की धारा 22 के उसे अपनी गिरफ्तारी देने के लिए पेश होना था, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुआ है। इसके बाद पंजाब पुलिस के द्वारा उक्त युवक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रोड़ी में पहुंच कर उसके घर के बाहर नोटिस चस्पा किया। संवाद
नशे को लेकर अभियान जारी है। गावों को नशामुक्त करवाया जाएगा। पुलिस और जनता मिलकर इसलिए दिशा में कार्य कर रही है। 148 गावों को नशा मुक्त करवाया जा चुका है। -विक्रांत भूषण एसपी, सिरसा।