चायत द्वारा लिए गए फैसले की कॉपी।
बडागुढ़ा। खंड के गांव फतेहपुरिया नियामत खां में पंचायत व ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से गांव में मांगने के लिए आने वाले बाहरी लोगों का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया है। गांव में दान-चंदा मांगने आने वाले लोगों को गांव का कोई भी व्यक्ति कुछ नहीं देगा। ग्रामीणों का कहना है कि फसल निकालने के बाद भगवा धारण कर, विभिन्न संस्थाओं व एनजीओ का नाम लेकर और धार्मिक संस्थाओं का हवाला देकर अनाज, आटा व पैसे आदि मांगने वालों की भरमार लग जाती है।
उनका कहना है कि दान-दक्षिणा एवं चंदा एकत्रित करने वाले असामाजिक तत्व रेकी भी करते हैं। ये लोग मौका पाकर लूटपाट व चोरी जैसी घटनाओं को भी अंजाम दे जाते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि वे दान-पुण्य के खिलाफ नहीं है। अगर उन्हें दान-पुण्य करना होगा तो वे गोशालाओं व अन्य जगह जाकर स्वयं कर आएंगे।
सरपंच प्रतिनिधि राजू ढिढ़़ारिया ने बताया कि शीघ्र ही गांव के बाहर बकायदा इसके लिए नोटिस बोर्ड भी लगाया जाएगा। पंचायत या ग्रामीण किसी संस्था या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, लेकिन गांव में सुरक्षा के लिहाज ने सभी ने मिलकर यह फैसला लिया है।
गांव में पिछले कुछ समय से चोरी जैसी आपराधिक घटनाएं घट रही थीं। इसके चलते गांव के समस्त ग्रामीणों और पंचायत सदस्यों ने सामूहिक रूप से सुरक्षा के लिहाज से उक्त फैसला लिया है।
- सुनीता रानी, ग्राम सरपंच।