सरकारी दफ्तरों और पुलिस थानों में जनता की सुनवाई के लिए सरकार द्वारा शिकायत पेटिकाएं लगाने का तरीका कारगर साबित नहीं हो रहा है। हर सप्ताह खुलने वाली ये पेटिकाएं कई-कई माह तक नहीं खुलती। अधिकतर विभागों में तो ये पेटिकाएं लगाई ही नहीं गई हैं। पुलिस थानों और चौकियों में पेटिकाएं तो लगी हैं पर उनकी हालत देखने से लगता है कि ये पेटिकाएं कभी-कभार ही खुलती हैं।
कई पेटिकाओं पर तो जंग लग गया है। हरियाणा रोडवेज की 15 बसों में देखा गया तो एक में भी शिकायत पेटिका नजर नहीं आई जबकि पंजाब और राजस्थान रोडवेज की बसों में पेटिकाएं लगी हुई थी। सरकार के आदेश हैं कि सभी बसों में पेटिकाएं लगाई जाएं। निचले स्तर पर सुनवाई न होने पर जनता की परेशानी को सुनने का सरकार ने नया तरीका निकाला था कि सभी पब्लिक डिलिंग वाले विभागों में शिकायत पेटिकाएं लगाई जाएं पर अधिकतर विभागों ने पेटिकाएं लगाई ही नहीं। जहां लगाई गई हैं उनकी सुध नहीं ली जा रही। अमर उजाला टीम द्वारा शुक्रवार को विभिन्न विभागों में जाकर देखा गया तो बहुत कम विभागों में शिकायत पेटिकाएं देखने को मिली। पुलिस के सभी थानों व चौकियों में लगी हुई थी पर कुछ की हालात देखने से नहीं लग रहा था कि वे हर सप्ताह खुलती हाेंगी। कई पेटिकाओं पर तो जंग इस तरह लगा हुआ था कि ऐसे लग रही थी कि लगाने के बाद किसी ने खोलने की जहमत ही नहीं उठाई हो। लघु सचिवालय में अनेक कार्यालय हैं पर वहां एक भी शिकायत पेटिका नहीं लगाई गई। एसपी कार्यालय के बाहर दो पेटिकाएं लगी हैं।
रेलवे स्टेशन व बस अड्डा परिसर में भी शिकायत के लिए पेटिका नहीं लगाई गई है। सामान्य अस्पताल में भी एक सुझाव पेटिका है पर उसमें अब तक न तो कोई सुझाव आया है न ही कोई शिकायत। लोगाें द्वारा रुचि न लेने पर विभाग भी इन पेटिकाओं की अनदेखी कर देते हैं। पुलिस विभाग ने तो कई स्थानों पर यह भी लिखा है कि शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जाएगा ताकि जनता अपनी पीड़ा को बीना किसी भय के बता सके, बावजूद लोगाें ने इन पेटियों का इस्तेमाल नहीं किया है। महिला उत्पीड़न मामलों पर रोक लगाने के लिए भी पुलिस पेटिकाएं लगाई हैं लेकिन महिलाओं ने इनमें अपनी शिकायत डालना उचित नहीं समझा है। किसी भी कार्यालय में सुनवाई न होने पर सरकार द्वारा जनता को दिए गए विकल्प का अधिकतर लोगाें को तो पता ही नहीं और जिन्हें पता है उन्हें विश्वास नहीं है कि इन पेटिकाओं में शिकायत डालने पर कोई कार्रवाई होगी।
‘जनता को शिकायत की नौबत ही नहीं आने देते’
शहर थाना प्रभारी मौजीराम ने बताया कि पुलिस द्वारा आने वाले व्यक्ति की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाती है, इस लिए जनता को इन पेटिकाओं में शिकायत डालने की नौबत ही नहीं आई। सभी थानों और चौकियों में लगाई गई पेटिकाओं को समय-समय पर चेक किया जाता है। इसी प्रकार सामान्य अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिनी ने बताया कि अस्पताल में सुझाव पेटिका लगाई गई थी पर उसमें किसी न तो सुझाव आया है और न ही शिकायत।
रेलवे स्टेशन अधीक्षक जेपी पाठक ने बताया कि स्टेशन पर केवल कर्मचारियों की शिकायत के लिए पेटिका लगाई गई है और इसमें आने वाली शिकायतों को बीकानेर रेल मंडल में भेज दी जाती हैं। रोडवेज महाप्रबंधक केआर कौशल ने बताया कि बसों में व बस अड्डा परिसर में कोई भी शिकायत पेटिका नहीं लगाई गई है। जो भी शिकायत आती है, वो सीधी स्टेनो के पास पहुंच जाती है। व्यवस्था में सुधार के लिए पेटिकाएं लगाई जाएंगी।