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Sirsa News: शहर में 31 सार्वजनिक शौचालय, सभी को मरम्मत की जरूरत, पानी से लेकर सफाई तक नहीं

Sun, 12 Jan 2025 02:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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स्वच्छता की अलख जगाता हुआ बस स्टैंड के बाहर का शौचालय। पूरी तरह से पोस्टर से अटा और कंडम हालात 
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सिरसा। नगर परिषद क्षेत्र में 31 सार्वजनिक शौचालय हैं। बाजारों, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के आसपास स्थापित इन शौचालयों को दुरुस्त और सफाई रखने के लिए नगर परिषद ने निजी एजेंसी को ठेका दिया हुआ है। परंतु उसके बाद इन शौचालयों की हालत काफी खराब है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान आने वाली टीम जब इन सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण करती है तो ये रैंकिंग में कहीं नहीं टिकते। निरीक्षण के दौरान टीम रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के अंदर बनाए गए शौचालयों का निरीक्षण करती है। इतना ही नहीं, लघु सचिवालय परिसर तक के शौचालय तक को टीम जांचती है और उसी आधार पर अंक प्रदान किए जाते हैं।
बस स्टैंड के बाहर बने सार्वजनिक शौचालय का हाल तो ऐसा है कि आमजन उसमें जाना मुनासिब नहीं समझता। बाहर से ही देखकर उसकी स्थिति का अंदाजा लगाकर लौट जाता है। टाउन पार्क बाजार के लिए बनाए गए शौचालय में पानी का प्रबंधन नहीं किया गया है। टैंकर से शौचालय में पानी की व्यवस्था की जाती है। महीने में 20 दिन इस शौचालय के महिलाओं के लिए बनाए गए हिस्से को बंद रखा जाता है। इस शौचालय को खोलने और बंद करने की जिम्मेदारी एक रेहड़ी संचालक को दी गई है। जो अपनी मर्जी से इसका संचालन करता है।
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जाट धर्मशाला के पास बने यूरिनल और शौचालय बंद
जाट धर्मशाला के सामने पुराने बस स्टैंड पर यूरिनल और शौचालय बनाए गए थे, जो कि बंद पड़े हैं। अब मौजूदा समय में वहां पर टैक्सी स्टैंड बना हुआ है। वहां के लोगों द्वारा कई बार इन्हें दुरुस्त करवाने की मांग उठती है। परंतु इनकी ओर ध्यान नहीं दिया जाता है।
-टाउन पार्क के शौचालय को मरम्मत की जरूरत
टाउन पार्क के अंदर शौचालय बना हुआ है। यहां पर सबसे ज्यादा संख्या में शहर के लोग घूमने के लिए आते हैं। यहां तक की सालासर बालाजी मंदिर, रेलवे स्टेशन होने के कारण बड़े स्तर पर लोग सुबह व शाम के समय यहां पर आते हैं। इसलिए इस पार्क में शौचालय की जरूरत है। मौजूदा समय में शौचालय के हालत बेहतर नहीं है। इसमें सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता है।

स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए यह होना जरूरी
- नियमित सुविधाओं के अलावा शौचालय पर विशेष बोर्ड हो। जिस पर स्थान, एजेंसी का नाम, कर्मचारी या एजेंसी का मोबाइल नंबर होना चाहिए।
- शौचालय पर महिला और पुरुष विशेष रूप से लिखा होना चाहिए या बोर्ड हो।
- महिला शौचालय में सेनेटरी पैड के लिए अलग से डस्टबीन हो।
- शौचालय की दीवारों पर स्वच्छता को संदेश होना चाहिए।
- ये आकर्षक नजर आएं इसके लिए विशेष रूप से पेंटिंग करवाई जानी चाहिए।

आठ शौचालयों को लेकर जारी किए नोटिस
नगर परिषद की टीम ने सार्वजनिक शौचालयों को लेकर निरीक्षण किया था। इस दौरान शहर के पार्क व सार्वजनिक शौचालय में पानी और सफाई नहीं मिली थी। ऐसे में आठ शौचालयों में इस प्रकार के हालात मिलने पर एजेंसी को नोटिस जारी किया गया था। उसके बाद भी एजेंसी ने कोई खास सुधार नहीं किया है। यदि मौजूदा हालातों में स्वच्छ सर्वेक्षण टीम आती है तो अंकों का कटना तय है।

सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण समय-समय पर किया जाता है। पूर्व में निरीक्षण के दौरान भी आठ शौचालयों की व्यवस्था बेहतर नहीं मिलने पर एजेंसी को नोटिस जारी किया था। सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत को लेकर इंजीनियरिंग विंग की जिम्मेदारी होती है। उन्हें पूर्व में मरम्मत को लेकर लिखा जा चुका है।
-जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद, सिरसा।

संदीप कुमार वर्मा- फोटो : क्रिकेट मैच में शॉट खेलता खरेला का खिलाड़ी।

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