सिरसा। बरसाती प्रोजेक्ट की फोटो। टूटे हुए चैम्बर के हालात। संवाद
सिरसा। शहर में बरसाती प्रोजेक्ट का काम शुरू हुए आठ माह का समय बीत गया है। बरसाती लाइन बिछाने का काम अभी तक 40 प्रतिशत ही हुआ है। इस कार्य को एक साल में पूरा होना था, लेकिन यह पिछले 50 दिन से अधर में लटका हुआ है। जिस गति से यह प्रोजेक्ट चल रहा है, उस हिसाब से वर्ष 2026 में प्रोजेक्ट मानसून से पहले प्रोजेक्ट पूरा होता नजर नहीं आ रहा।
इसलिए शहरवासियों के लिए यह चिंता और परेशानी का सबब बन गया है। अनाज मंडी के चारों तरफ लाइन बिछाने के चलते सड़क को खोद दिया गया है। टूटी सड़कें व्यापारियों व आमजन के लिए आफत बन चुकी हैं। यहां सिर्फ धूल ही धूल नजर आती है। अहम बात यह है कि बरसाती लाइन बिछाने के लिए बनाए गए चैंबर का डिजाइन सही नही लिया गया।
इस कारण भारी वाहनों से चैंबर टूटने की समस्या पैदा हो गई। इसके लिए नया डिजाइन तैयार करने की योजना एक्सईएन विजय कुमार ने बनाई थी, लेकिन स्वास्थ्य दुरुस्त नहीं होने के कारण वह इन दिनों छुट्टी पर चल रहे हैं। दो सप्ताह से इस प्रोजेक्ट को शुरू करवाने की दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। इस कारण जनता भवन रोड का आधा हिस्सा वन-वे ही पड़ा हुआ है। अमृत प्रोजेक्ट आमजन के लिए राहत की जगह आफत बन चुका है।
बाजारों में बिछाई जानी है लाइन
अधिकारियों के अनुसार मंडी व आसपास की मुख्य सड़कों के बाद बाजारों में लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया जाएगा, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ है। मुख्य रूप से बाजारों में से लाइन बिछाने का समय सर्दियों में होता है। रात के समय आसानी से लाइन बिछाने का कार्य किया जा सकता है। पानी की सप्लाई बाधित भी होती है तो लोग एक या दो दिन आसानी से जीवनयापन कर सकते हैं। दिसंबर और जनवरी में बाजारों में काम शुरू नहीं होता है तो बाद में काम करने में ठेकेदार को बड़े स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
टूटी सड़कों के लिए पैसे का इंतजार
बरसाती लाइन बिछाने के दौरान टूटी सड़कों को दुरुस्त करवाने के लिए सीएम घोषणा के तहत मुख्यालय से पैसे की मांग की गई है। 25 करोड़ रुपये का सड़कों का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जब तक बाजारों में लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण होगा। सीएम घोषणा के तहत पैसा आ जाएगा और तेजी से टूटी सड़कों को दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
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बरसाती प्रोजेक्ट को जल्द ही शुरू करवाया जाएगा। जहां-जहां दिक्कत आई थी, उन समस्याओं को पहले समाधान किया जाएगा।
- प्रवेश कौशिक, एमई, नगर परिषद।