सिरसा। जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पिछले कुछ दिनों से जहां सुबह और शाम के समय सर्दी का असर बढ़ता दिख रहा है, वहीं दोपहर के समय खिली धूप लोगों को गर्माहट का अहसास करवा रही है। रविवार को जिले में सुबह और शाम के तापमान में 18 डिग्री का अंतर देखने को मिला है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री तो वहीं न्यूनतम तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया।
रविवार को तो दिन के समय हल्की गर्मी जैसी स्थिति महसूस हुई, लेकिन जैसे ही शाम हुई, तापमान में गिरावट आने लगी और ठिठुरन का असर बढ़ गया। सुबह के समय शहर में हल्की धुंध छाई रहती है, जिससे दृश्यता भी कुछ समय के लिए प्रभावित होती है। लोग गर्म कपड़ों में नजर आने लगे हैं और कई जगहों पर हीटर, गीजर व अन्य सर्दी से बचाव के साधनों की खरीदारी भी तेज हो गई है। सुबह काम पर निकलने वाले लोगों को ठंडी हवाओं की वजह से अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों ने भी अब पूरी तरह से स्वेटर और जैकेट पहनना शुरू कर दिया है।
दोपहर के समय में धूप निकलने से राहत
दोपहर के समय धूप निकलने से लोगों को राहत मिल रही है। रविवार को धूप इतनी तेज थी कि कई लोग पार्कों और खुले इलाकों में बैठकर धूप सेकते नजर आए। किसानों ने भी धूप का फायदा उठाते हुए खेतों में कामकाज किया। शहरवासियों का कहना है कि दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर मौसम को अस्थिर बना रहा है, जिसके चलते स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि अचानक ठंड और गर्मी बदलने पर सावधानी बरतें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
प्रदूषण स्तर घटा
मौसम के इस बदलाव का असर वायु गुणवत्ता पर भी देखा जा रहा है। एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को जहां एक्यूआई 174 रिकॉर्ड किया गया था, वहीं रविवार को यह घटकर 158 पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि हवाओं की रफ्तार बढ़ने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों में कमी आने से एयर क्वालिटी में सुधार हुआ है। हालांकि, यह स्तर अभी मॉडरेट श्रेणी में माना जाता है, लेकिन पहले की तुलना में बेहतर स्थिति है।
आखों सहित सांस के मरीजों को हल्की राहत
जिले में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के चलते सांस के मरीजों के लिए सांस लेना तक मुश्किल हो गया था, ऐसे में नागरिक अस्पताल में सांस के मरीजों के 100 के पार तक ओपीडी पहुंच गई थी, वहीं प्रदूषण के चलते आमजन की आखों में जल्न, दर्द व लाल पन की समस्याओं के प्रतिदिन 50 के करीब मरीज आ रहे हैं। इसमें छोटे बच्चों सहित युवा व बुजुर्ग भी शामिल हैं। सांस व आखों में जलन के मरीजों को थोड़ी राहत मिली है।
-जिले में हवा में प्रदूषण में गिरावट होना अच्छी बात है। इससे आमजन में सांस, आखों की बीमारियों सहित अन्य बीमारियों से राहत मिलेगी। अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी गिरावट आएगी। सभी के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।
डॉ. अमित गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, सिरसा।