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घग्गर नदी में जलस्तर घटा पर कमजोर तटबंध के कारण खतरा बरकरार: 45 गांवों के खेतों में भरा पानी, 20 हजार से एकड़ से ज्यादा फसल नष्ट

Sun, 23 Jul 2023 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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गांव छोटी चामल के पास बनी ढाणी में भरा पानी।   संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा/रानियां। बाढ़ से जूझ रहे जिलावासियों को रविवार को कुछ राहत मिली है। घग्गर नदी का जलस्तर दो फुट तक कम हुआ है। इसके साथ ही जलस्तर में गिरावट आ रही है, लेकिन नदी के ओवरफ्लो होने कर इसके तटबंध कमजोर होने के कारण खतरा अभी बरकरार है। ऐसे में प्रशासन, ग्रामीण व संस्थाएं तटबंधों को मजबूत करने में जुटी हुई हैं।
घग्गर नदी का जलस्तर 40600 क्यूसेक तक आ गया है। मल्लेवाला में शनिवार को टूटे तटबंध को भी पाट लिया गया है। अभी भी 45 गांवों के खेतों में पानी भरा हुआ है और 20 हजार से अधिक एकड़ फसल खराब हो चुकी है। सिरसा के बुढाभाणा और मल्लेवाला के बीच पानी को ग्रामीणों ने सड़क पर बांध बनाकर रोक लिया है। सड़क पर मजबूत बांध बनाने का काम रविवार को भी काम जारी रहा। ग्रामीण प्लास्टिक की थैलियां लगाकर तटबंधों को मजबूत कर रहे हैं, ताकि मिट्टी ना ढहे। वहीं भावदीन के पास सर्विस रोड पर आया पानी आगे नहीं बढ़ा है।
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ओटू हेड पर 40800 क्यूसेक पहुंचा घग्गर का जलस्तर
ओटू हेड पर घग्गर नदी में दो दिन पहले तक जलस्तर 44350 क्यूसेक चल रहा था, वह दो फुट घटकर 40800 क्यूसेक तक पहुंच गया है। सरदूलगढ़ में भी जलस्तर 50 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया है। बेशक रविवार को घग्घर का जलस्तर घट रहा है, लेकिन अभी सतर्क रहने की जरूरत है। बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद पानी फिर से घग्गर नदी में आ सकता है, जिससे जलस्तर बढ़ने के आसार है।


गांवों में भी तटबंधों पर पानी का स्तर नीचे गया
रानियां के गांव फिरोजाबाद, ढाणी आसा सिंह, सतनाम सिंह, थेहड़ी मोहर सिंह, नकोड़ा, नगराना, करीवाला से बणी तक तटबंध के साथ पानी के स्तर में कमी आई है। गांव फिरोजाबाद से लेकर नकोड़ा-नगराना तक पानी तटबंध के बराबर पहुंचने की वजह से बाढ़ का खतरा ज्यादा बढ़ गया था। ओटू वीयर पर पहले पानी 14 फुट के करीब पहुंच गया था। रविवार को यह एक फीट घटकर 13 पर आ गया।
रानियां क्षेत्र में पांच हजार एकड़ में फसल तबाह
बाढ़ से जिले में 20 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में फसल नष्ट हो गई है। रानियां हलके में पांच हजार एकड़ से अधिक रकबे में फसल तबाह हुई है। खेतों व ढ़ाणियों में घर बनाकर रह रहे लोगों दूसरी जगह जाना पड़ा रहा है।

पशुओं के लिए हरे चारे का बना संकट

गांव धनूर, झोरड़नाली, छोटी चामल, खैरेकां सहित बाढ़ से प्रभावित गांवों में हरा चारा की खेती बर्बाद हो गई है। किसानों के सामने पशुओं के लिए हरे चारे का संकट बना हुआ है। समाजसेवी संस्थाओं ने तटबंध पर निगरानी में बैठे किसानों व ग्रामीणों के लिए खाद्य सामग्री व पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था तो की है, लेकिन फिर भी दिक्कत बनी हुई है।
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पंजाब के ग्रामीण मुहैया करवा रहे डीजल
घग्गर के तटबंध को मजबूत करने में दो दिन से जुटे मतड़, रोडी आदि गांवों के लोगों को पंजाब के लुधियाना से लोग आकर डीजल उपलब्ध करवा रहे हैं।


यह है घग्गर की स्थिति



स्थान, क्यूसेक



गुहला चीका, 29500



खनौरी, 12350


चांदपुरा, 16740



सरदूलगढ़, 48100



ओटू हेड , 40600



राजस्थान साइफन, 23550



रंगोई नाला, 10200




घग्गर में रविवार को जलस्तर कम हुआ है, जो फिलहाल राहत की बात है। एहतियात के तौर पर मिट्टी के और कट्टे भरवाए जा रहे हैं। प्रशासन बाढ़ राहत कार्यों में जुटा हुआ है। - पार्थ गुप्ता, उपायुक्त, सिरसा।

गांव छोटी चामल के पास बनी ढाणी में भरा पानी।   संवाद

गांव छोटी चामल के पास बनी ढाणी में भरा पानी।   संवाद

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