ओढां। गांव ओढां में कालांवाली कैंचियों के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच लगी लोहे की ग्रिल को पार करते समय शुक्रवार शाम करंट लगने से मारे गए ओढां निवासी युवक धीरा सिंह (35) का घटना के दूसरे दिन शनिवार सायं अंतिम संस्कार हुआ। वहीं इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए ओढां में कालांवाली कैंचियों पर साढ़े पांच घंटे धरना दिया और संबंधित विभाग व कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।
इस धरने में दुकानदारों ने भी अपनी-अपनी दुकानें बंद कर समर्थन दिया। इस मौके पर जनता अधिकार मोर्चा के प्रदेश प्रभारी जसविंदर सिंह बब्बू ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी की अनदेखी व संबंधित कंपनी की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ है। इस मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मृतक धीरा सिंह दिहाड़ी मजदूर था। उसके दो मासूम बच्चे व वृद्ध माता-पिता हैं। धीरा सिंह की मौत के बाद उसके घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद मृतक के परिवार की आर्थिक मदद भी होनी चाहिए। संवाद
जगह-जगह मौत के जोड़
नेशनल हाईवे पर जिस जगह फुटपाथ पर लोहे के ग्रिल के बीच स्ट्रीट लाइट के पोल लगाए गए हैं। इन पोल पर लगी स्ट्रीट लाइटों को जलाने हेतु कनेक्शन किए गए हैं। इन कनेक्शन के जोड़ पर टेप नहीं लगी हुई है। ये नंगे तार धीरा सिंह की मौत का कारण बने। स्ट्रीट लाइट पर जब ओढां से लेकर चोरमार तक स्थिति से अवगत हुआ तो तो संबंधित कंपनी की बड़ी लापरवाही सामने आई। अधिकांश जगहों पर तारों पर टेप नहीं थी तारों के जोड़ नंगी अवस्था में लोहे की ग्रिल को छू रहे थे।
मासूम भी आई चपेट में
इन नंगी तारों की वजह से बीते दिन गांव चोरमार में एक मासूम बच्ची भी चपेट में आ गई। बच्ची व उसका दादा टेक सिंह दोनों सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान पोल में करंट आने से बच्ची चपेट में आ गई। इस हादसे में मासूम को बच्ची का एक हाथ झुलस गया। टेक सिंह ने बताया कि गांव चोरमार में फुटपाथ के बीच चले गए स्ट्रीट लाइटों के पोल पर बिजली के जोड़ जगह-जगह नंगी अवस्था में है, जिसे हर रोज हादसे का डर बना रहता है। लेकिन संबंधित कंपनी के अधिकारी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे खुईयां टोल प्लाजा पर कई बार कहा भी गया, लेकिन न ही तो टोल प्लाजा के कर्मचारी ध्यान दे रहे और न ही संबंधित कंपनी के अधिकारी।
30 लाख की आर्थिक मदद व एक को नौकरी दी जाए
धरने पर बैठे लोगों के बीच नेशनल हाईवे कि सूरज कंस्ट्रक्शन कंपनी के अस्सिटेंट इंजीनियर सुमित कुमार व साइट इंजीनियर दिनेश कुमार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने दोनों अधिकारियों से कहा कि मृतक धीरा सिंह के दो मासूम बच्चे हैं और घर में कमाने वाला कोई नहीं है। ऐसे में दोनों मासूम बच्चों को 30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता व मृतक की पत्नी को नौकरी मिलनी चाहिए।
10 लाख रुपये की राशि व नौकरी देने पर बनी सहमति
वहीं मृतक के पोस्टमार्टम के दौरान संबंधित कंपनी के उच्च अधिकारी भी सिरसा के नागरिक अस्पताल में पहुंच गए। जहां उन्होंने मृतक के परिजनों व रिश्तेदारों से बातचीत की। घंटों चली बातचीत उपरांत कंपनी के अधिकारियों ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की राशि देने व उसकी पत्नी को कंपनी में निजी तौर पर नौकरी देने का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजनों ने देर शाम मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया।