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Sirsa News: जंडवाला जटान के ग्रामीणों ने छह ट्रैक्टर लगाकर खुद ही की जलघर के टैंक की सफाई

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जंडवाला जटान में टैंक की सफाई करते ग्रामीण। 
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ओढां। गांव जंडवाला जटान में ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए जलघर के टैंक की सफाई कर दी। इस कार्य में 6 ट्रैक्टर व करीब 45 ग्रामीण लगे हुए थे। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से टैंक की सफाई न होने से उसका पानी दूषित हो रहा था। इसके चलते उन्हें परेशानी आ रही थी। ऐसे में उन्होंने बिना पंचायत या विभाग के सहयोग के अपने स्तर पर यह कार्य किया।
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पूर्व सरपंच शिवराज सिंह, ग्रामीण रुलदू सिंह, अर्जुन सिंह, साहिब सिंह, रणजीत सिंह, नाजर सिंह, बलकरण, सेवक सिंह, हरजिंद्र सिंह व मंदर सिंह आदि ने बताया कि उनके गांव के जलघर में दो बड़े टैंक हैं, जिनकी लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। इनमें से एक वाटर टैंक लीकेज भी है, जिसके चलते उसमें सप्ताह भर भी पानी नहीं टिकता।
ग्रामीणों ने बताया कि जलघर में एक टैंक तो काफी पुराना बना हुआ है जबकि दूसरे टैंक को बने हुए करीब 5 वर्ष ही हुए हैं। नया बना टैंक इतने समय में लीकेज भी हो गया। उक्त टैंक की साइड की दीवारों से सीमेंट उतर चुकी है। इसके चलते उसमें पानी नहीं रुकता। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग को चाहिए था कि नहरों की बंदी के चलते दोनों टैंक तैयार करने चाहिए थे, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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गांव में पानी की किल्लत बनी हुई है। उन्होंने बताया कि एक टैंक लीकेज है जबकि दोनों में गाद जमी हुई है। इसका पता ग्रामीणों को तब लगा जब टैंकों में पानी कम हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पहल करते हुए एक टैंक की सफाई का बीड़ा उठाया। सफाई कार्य के दौरान ग्रामीणों में संबंधित विभाग के प्रति काफी रोष देखने को मिला। उनका कहना था कि अधिकारियों की अनदेखी की वजह से ग्रामीण अशुद्ध जल पीने को विवश हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत भी अपने स्तर पर मनरेगा मजदूरों को लगाकर टैंक की सफाई करवा सकती थी, लेकिन पंचायत ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।

ग्रामीण बोले : शोपीस बनी हुई है टंकी

ग्रामीणों ने कहा कि जलघर में ऊंची ओएचएसआर (ओवरहेड सर्विस जलाशय) टंकी बने हुए लंबा समय हो गया है, लेकिन अभी तक उसका कोई लाभ नहीं हुआ। गांव में ऊंचे हिस्सों में पानी की अत्यधिक किल्लत के मद्देनजर इस टंकी में पानी स्टोर किया जाता है, लेकिन इसके वाल्व आदि खराब होने के चलते यह मात्र शोपीस बनकर रह गई है। ग्रामीणों ने कहा कि विभाग को शीघ्र ही इसे ठीक करवाना चाहिए।


जलघर के टैंकों की सफाई हुए लंबा समय हो गया। मनरेगा से कार्य करवा तो लेते, लेकिन मजदूर काम नहीं करते। विभाग को चाहिए था कि पानी की किल्लत को देखते हुए दोनों टैंकों की मरम्मत एवं सफाई समय रहते करवाई जाती।

- मंजूबाला, सरपंच
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ग्रामीणों ने ऐन मौके पर सफाई का निर्णय लेकर उचित नहीं किया। क्योंकि नहरों में पानी मात्र 2-3 दिन के लिए आया है। ऐसे में प्राथमिकता टैंक भरने की होनी चाहिए थी। जो लीकेज टैंक है उसको विभाग की ओर से ठीक करवा दिया जाएगा। तब तक दूसरे टैंक में पानी डलवाया जाएगा।
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- विशाल ज्याणी, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग
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