संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। बकरियांवाली में कचरे के पहाड़ के आगे सिस्टम बौना साबित हो रहा है। न नगर परिषद प्रशासन का प्रयास कारगर साबित हो रहा है, न जिला उपायुक्त का आदेश। कचरे का पहाड़ दिन-प्रतिदिन विकराल बनता जा रहा है और ग्रामीणों की समस्या गंभीर होती जा रही है।
जमीन खराब होने की चिंता और प्रशासनिक लापरवाही से उपजे आक्रोश को शांत करने के लिए 20 दिन पहले जिला उपायुक्त ने ग्रामीणों को साथ लेकर कचरा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण किया था और समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए थे। इन सारी कवायदों के बावजूद प्लांट में न तो कचरा निस्तारण की क्षमता को बढ़ाया और न ही निस्तारित कचरे के उठान को लेकर कोई कदम उठाया गया। अब ग्रामीणों को भय सता रहा है कि जोरदार बारिश हुई तो कचरा उनके खेतों तक पहुंचेगा और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को कमजोर कर देगा।
असल में, नगर परिषद व एजेंसी को मिलकर एनजीटी के अनुरूप कचरा निस्तारण प्लांट में कार्य करना था, लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। यहां पर अब क्लस्टर स्तर पर कचरा भी पहुंचने लगा है। रोजाना 200 मीट्रिक टन कचरा प्लांट में पहुंच रहा है, जबकि 2.13 लाख मीट्रिक टन कचरा पहले से ही पड़ा हुआ है। 20 दिन पहले डीसी ने आदेश दिया था, मौजूदा प्लांट की निस्तारण क्षमता दोगुनी की जाए और इसे 1000 मीट्रिक टन प्रतिदिन पहुंचाया जाए। निस्तारित कचरे का उठान भी जल्द कराया जाए। उस समय नगर परिषद के अधिकारियों ने व्यवस्था बनाने की बात कही थी। निस्तारण क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त मशीनें लगाई जानी थीं लेकिन नहीं लगाई जा सकी हैं। इधर, कचरा प्लांट में उठान व निस्तारण की गति धीमी होने के कारण एजेंसी की 30 प्रतिशत राशि नगर परिषद ने जारी नहीं की है।
डीसी के आदेश को धत्ता बता रही निस्तारण व्यवस्था
आदेश : 1000 मीट्रिक टन प्रतिदिन कचरा निस्तारण किया जाए।
मौजूदा स्थिति : प्रतिदिन एक मशीन चलती है, जो 200 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण करती है। स्थिति जस की तस है।
आदेश : ठोस कचरा प्रबंधन का कार्य एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार करवाया जाए। कचरे का उठान तेजी से हो।
स्थिति : निस्तारित कचरे का उठान नहीं हो रहा है। निस्तारण के बाद निकलने वाली मिट्टी के ढेर लगे हैं। पुराने कचरे के उठाने की दिशा में कोई कार्य नहीं किया गया है।
आदेश : डंपिंग साइट के समीप आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान करें।
स्थिति : आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। कुत्तों का वैक्सीनेशन नहीं कराया जा सका है।
आदेश : डंपिंग साइट के चारों तरफ हर्बल स्प्रे की जाए।
स्थिति : अधिकारी हर्बल स्प्रे का दावा कर रहे हैं लेकिन हवा चलने पर गांव में बदबू आती है। बाउंड्री नहीं होने से फसलों में कचरा जा रहा है। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है।
बदतर हालात पर ग्रामीण जता चुके हैं विरोध
ग्रामीण कचरा प्लांट में बदतर स्थिति को लेकर विरोध जता चुके हैं। बकरियांवाली के ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष आंकड़े प्रस्तुत कर बताया था कि वहां कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। इसकी वजह कचरे का सही समय पर निस्तारण नहीं होना है। ग्रामीणों ने कहा था, प्लांट के कारण गांव की हवा दूषित हो रही है।
गंदगी व बदबू के कारण जीना मुहाल हो गया है। हमने कई बार प्रशासन को इस मामले में अवगत करवाया है और शिकायत भी दी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। सुभाष, बकरियांवाली।
कचरा प्लांट हमारे क्षेत्र की बड़ी समस्या बन चुका है। इस मामले में डीसी को भी शिकायत दी थी और वह मौके पर भी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कचरा निस्तारण के आदेश भी दिए थे, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। - रामचंद्र, बकरियांवाली।
बकरियांवाली प्लांट में व्यवस्था बनाई जा रही है। नियमित रूप से हर्बल दवा का छिड़काव हो रहा है। एजेंसी को निर्देश दिए हैं कि निस्तारित कचरे का उठान नियमित रूप से करे। उठान नहीं होने के कारण एजेंसी का कुछ भुगतान भी रोका गया है। - जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद।