संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में पुल, चौक चौराहों और मुख्य सड़कों व घरों पर लोगों ने अवैध रूप से होर्डिंग ढांचे बनाए हुए हंै। इन पर अवैध रूप से फ्लैक्स लगाए जाते हैं। अब इन सभी अवैध ढांचों को हटाने
की कार्रवाई सोमवार से नगर परिषद की टीम करेगी।
अधिकारियों का दावा है कि यह अभियान निरंतर चलाया जाएगा। अभियान के दौरान यदि भवन मालिक स्वयं ढांचा उतार लेता है तो उससे नगर परिषद कोई जुर्माना नहीं वसूलेगी अन्यथा होर्डिंग ढंाचा उतारने का खर्च मालिक से वसूला जाएगा। इस दौरान कोई भवन मालिक काम में बांधा डालेगा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया जाएगी।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अत्तर सिंह ने विशेष आदेश जारी किए हैं कि शहर के हर घर, दुकान, होटल, अस्पताल आदि से अवैध होर्डिंग ढांचा नगर परिषद की टीम हटाएगी। लोहे के ढांचा को काटकर नगर परिषद की टीम कब्जे में लेगी। इनकी नियमानुसार खुली बोली नगर परिषद की ओर से करवाई जाएगी। यदि कोई भवन मालिक इस कार्रवाई के बाद दोबारा अवैध ढंाचा लगाता है तो नियमानुसार उसके भवन को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
शहर में यहां पर लगे
हैं अवैध ढांचे
हिसार रोड पर रेलवे पुल के दोनों तरफ के भवनों में, भगत सिंह चौक, सुभाष चौक, शिव चौक, सांगवान चौक, बरनाला रोड़, बेगू रोड सहित नगर परिषद क्षेत्र में कई जगह अनेक प्रतिष्ठानों में भवनों मालिकों ने अवैध होर्डिंग के स्ट्रक्चर लगा रखे हैं, जोकि गैरकानूनी है।
तीन साल में नगर परिषद को हुआ दो करोड़ से ज्यादा का नुकसान
नगर परिषद की ओर से 30 से ज्यादा विज्ञापन साइटों को लेकर ऑनलाइन टेंडर जारी किया जाता है। इससे नगर परिषद की आमदनी होती है और विकास कार्य करवाए जाते है। पिछले दो साल से सात बार टेंडर लगाने के बाद भी कोई एजेंसी नहीं आ रही है। जब कई बड़ी एजेंसियों से प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्राउंड रिपोर्ट ली तो सभी एजेंसी के मालिकों ने कहा कि अवैध रूप से शहर के भवनों पर बड़े-बड़े स्ट्रक्चर लगाए गए हैं, जहां पर गैर कानूनी तरह से विज्ञापन लगते हैं। इससे लाखों रुपये सालाना उन्हें नुकसान होगा। इसलिए वे टेंडर नहीं भर रहे हैं। नगर परिषद को तीन सालों में दो करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। इसलिए अब नगर परिषद की ओर से कार्रवाई की गई है।सोमवार से भवनों के ऊपर अवैध स्ट्रक्चर लगाने वाले सभी स्ट्रक्चर हटाने को लेकर कार्रवाई की जाएगी। लोहे के सभी स्ट्रक्चर को नगर परिषद की टीम काटकर कब्जे में लेगी। इस पर आने वाले खर्च भवन मालिकों से वसूला जाएगा। यदि कोई सरकारी कार्य में बांधा डालेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - अतर सिंह खनगवाला, कार्यकारी अधिकारी , नगर परिषद