राजकीय महाविद्यालय के छात्रों ने सोमवा को डबवाली-सिरसा रोड जाम कर दिया। साथ ही सरकार के विरोध में नारेबाजी करके अपना रोष जताया।
करीब डेढ़ घंटा तक जाम रहने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। नायब तहसीलदार से आश्वासन पाने के बाद छात्र सड़क से हटे।
सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे गांव डबवाली स्थित राजकीय महाविद्यालय के छात्र इनसो के राष्ट्रीय संगठन सचिव योगेश शर्मा, अंकुश मोंगा, रवि कुमार, हेमंत, सन्नी, भूपेंद्र, विपिन, देवीलाल, सुखविंद्र, नरेश कुमार, रविदत्त के नेतृत्व में डबवाली-सिरसा रोड पर पहुंचे।
छात्रों ने वाहन रोककर नारेबाजी शुरू कर दी। इससे कुछ ही देर में दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना पाकर शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। कार्यकारी थाना प्रभारी छबील दास तथा एएसआई भूप सिंह ने छात्रों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। लेकिन वे नहीं माने।
इसी दौरान रेलवे पुल निर्माण के लिए डबवाली की ओर लाए जा रहे मेटीरियल से भरे ट्रक को युवाओं ने रोक लिया। चालक ने ट्रक को भगाने का प्रयास किया। तो छात्र ट्रक के आगे लेट गए। इससे वाहन चालकों तथा युवाओं में काफी तकरार हुई।
असुविधा में शुरू हुई कक्षाएं
प्रदर्शनकारी युवाओं ने बताया कि 19 अगस्त 2014 से राजकीय महाविद्यालय में कक्षाएं आरंभ हुई हैं। लेकिन उन्हें कोई सुविधाएं नहीं मिल रही। कॉलेज तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग तक नहीं है।
कॉलेज में पीने का पानी तक नहीं है। बस सुविधा न होने के कारण उन्हें करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड़ता है। इसके बावजूद चालक बस नहीं रोकते हैं। छात्रों को देखकर चालक बस की गति को तेज कर लेते हैं। इसी लापरवाही के चलते राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का एक छात्र अपनी जान गंवा चुका है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने कॉलेज प्रशासन से मांग की थी। इसके बावजूद आज तक उनकी मांगों पर गौर नहीं हुआ है। 72 घंटे के बाद मजबूरन उन्हें कक्षाओं का बहिष्कार करके सड़क जाम करनी पड़ी है।
डीएसपी की भी न सुनी
सड़क पर बैठे युवाओं को समझाने आए डीएसपी सत्यपाल यादव की भी एक न चली। युवा इस बात पर अड़ गए कि एसडीएम या फिर जीएम मौके पर आकर उनकी समस्या सुनें। उन्हें हल करवाने का आश्वासन दें। जिस पर डीएसपी उखड़ गए। उन्होंने कहा, मैं एसडीएम के बगल में उनका भी ऑफिस हैं।
वे वहीं से तो उठकर आये हैं। एसडीएम नहीं हैं। आप अपनी समस्या हमें बताएं। लेकिन छात्र टस से मस नहीं हुए। छात्रों ने भी दो टूक लफ्जों में कहा कि वे उनका आदर करते हैं और अपनी एसडीएम या जीएम को ही बताएंगे।
नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
करीब डेढ़ घंटा तक जाम रहने से एनएच-9 पर हरियाणा रोडवेज तथा कई निजी बसें फंस गई। जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान छात्रों ने एंबुलेंस को जाने दिया।
मौका पर आए नायब तहसीलदार छोटू राम को अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छात्रों ने बस स्टॉपेज का निर्माण कर विद्यार्थियों के लिये चार बसें लगाए जाने की मांग की। साथ में इन बसों पर सवार होने वाले किसी भी विद्यार्थी से पैसे न लेने की बात कही।
इसके अतिरिक्त कॉलेज को जाने वाले मार्ग को पक्का किए जाने की भी मांग की। नायब तहसीलदार से मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन मिलने के बाद छात्र सड़क मार्ग से हटे।
उधर नायब तहसीलदार ने कहा कि संबंधित विभागों को निर्देश देकर छात्रों की समस्याओं को हल करवाया जाएगा। छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।