संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मंडियों में फसलों की उठान में हो रही देरी को लेकर आढ़तियों का सब्र टूट गया। मंगलवार को आढ़तियों ने कपास मंडी का मुख्य गेट बंद कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। जानकारी मिलते ही प्रशासन में हलचल मच गई और दोपहर करीब सवा एक बजे डीएफएससी मुकेश कुमार समेत संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने मंडी में उपस्थित आढ़तियों, खरीद एजेंसी के प्रतिनिधियों और ठेकेदारों के साथ बैठक कर उठान में आ रही समस्याओं पर चर्चा की। बैठक में डीएफएससी मुकेश कुमार ने उठान एजेंसी को फटकार लगाई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उठान कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए ट्रकों की संख्या बढ़ा दी गई है और उठान की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है, जिससे किसानों को समय पर भुगतान मिल सके।
मंडी में 10 दिन से पड़ी है सरसों, किसान और आढ़ती दोनों परेशान
बताया गया कि सरसों की खरीद 10 दिन पहले हो चुकी है, लेकिन अब तक उठान नहीं हुआ है। इससे किसानों को भुगतान नहीं मिल रहा और आढ़तियों को भी आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। आढ़तियों का कहना है कि उठान के अभाव में मंडी में बोरियों के ढेर लग गए हैं, जिससे वाहनों का आवागमन बाधित हो रहा है और लेबर भी खाली बैठी है।
प्रदर्शन में ये रखे गए मुख्य तर्क:
उठान न होने से मंडी में अव्यवस्था फैल रही है।
किसानों को भुगतान नहीं मिल पा रहा, जिससे आढ़तियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मजदूरों को भी समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा।
गेहूं का उठान साथ-साथ हो तो किसानों को माल लाने में सुविधा होगी।
सरसों की फसल मंडी में 10 दिनों से पड़ी है, जिससे खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
मौजूदा हालात
मंडी परिसर में जगह-जगह सरसों और गेहूं की बोरियां अटी पड़ी हैं। कई जगहों पर फसल को सड़कों पर भी रखना पड़ रहा है। इससे ट्रकों की आवाजाही में बाधा आ रही है। लेबर को कोई काम न मिलने के कारण उन्हें खाली बैठना पड़ रहा है। ऐसे में मंडी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
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आढ़तियों ने बयां किया दर्द
पानी सिर से ऊपर गुजर गया है। प्रदर्शन किया तो सचिव वीरेंद्र मेहता के साथ एसडीएम से मुलाकात की है। आढ़ती धरातल पर तभी संतुष्ट होंगे, जब उठान के लिए पूरी तरह से ट्रक मिलेंगे। सरसों की खरीद 10 दिन पहले हो चुकी है और अभी तक किसानोें को पैसा नहीं मिला है। इससे बड़ी चिंता की बात क्या होगी। - प्रेम बजाज, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन।
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मजदूर दिन में काम करता है, रात को कैसे चौकीदारी करेगा। सरकार एजेंसी को जुर्माना लगाए कि माल खराब होता है। माल चोरी होता है। मौसम खराब होने पर आढ़ती की जिम्मेदारी तय होती है। मंगलवार को सरसों की उठान करवाई है। 250 क्विंटल माल में दो क्विंटल की कमी आई है। अब आढ़ती इस नुकसान को कहां पूरा करेगा। - महेंद्र कुमार, आढ़ती, फोटो - 26
मंडी में उठान न होने के कारण किसान से लेकर आढ़ती तक परेशान है। हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कपास मंडी में उठान नहीं हो रही है। ट्रक यूनियन के साथ बातचीत करते हैं, परिणाम कुछ नहीं निकलता है। कपास मंडी पूरी तरह से बंद है। कोई बीमार हो जाए तो उसे उपचार के लिए ले जाया नहीं जा सकता है। - बजरंग शर्मा, आढ़ती , फोटो - 25
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फसल की उठान में हो रही देरी पर एजेंसी को फटकार लगाई गई है। उठान में तेजी लाई जाएगी और किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उठान के लिए ट्रकों की संख्या बढ़ा दी गई है। - मुकेश कुमार, डीएफएससी , सिरसा