सिरसा। रक्षाबंधन के दिन भी शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी। सफाई कर्मचारियों के हल्ला बोल विरोध का असर सड़कों, गलियों और बाजारों में साफ दिखाई दिया। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहे। घरों से नियमित कचरा उठान प्रभावित होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई।
मुख्य मार्गों के साथ कई गलियों और बाजारों में भी कचरा जमा रहा। त्योहार के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ बढ़ी, लेकिन सफाई व्यवस्था सुचारु नहीं हो सकी। खुले में पड़े कचरे से दुर्गंध फैलने लगी है।
सफाई कर्मचारियों के विरोध के चलते पिछले कई दिनों से डोर-टू-डोर कचरा उठाने का काम प्रभावित है। इसका सीधा असर शहरवासियों पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और कर्मचारियों के विवाद का समाधान जल्द होना चाहिए।
डबवाली में सफाई कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन और कुछ कर्मचारियों की गिरफ्तारी को लेकर वीरवार देर रात तक विवाद की स्थिति बनी रही। कर्मचारियों ने हिरासत में लिए गए साथियों को नहीं छोड़ने का विरोध किया। रात में कर्मचारियों ने मार्च भी निकाला। कर्मचारी संगठनों ने मांगों और समस्याओं का समाधान बातचीत से करने की मांग की। वहीं प्रशासन सफाई व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के प्रयास में जुटा है।
पुलिस के साथ कचरा उठाने का अभियान जारी रहेगा
सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रशासन ने शनिवार और रविवार को अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस के सहयोग से घर-घर कचरा उठाने का अभियान जारी रखा जाएगा।
शहरवासियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था आवश्यक सेवा से जुड़ी है। ऐसे में विवाद का खामियाजा आम लोगों को नहीं भुगतना चाहिए। लोगों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
सफाई नहीं हुई तो डंपिंग प्वाइंट फिर हुए कचरे से लबालब
पिछले एक सप्ताह से नगर परिषद के अधिकारी और पुलिस कर्मचारी मिलकर डोर-टू-डोर और डंपिंग प्वाइंटों से कचरा उठवा रहे थे। रक्षाबंधन की छुट्टी के कारण डंपिंग प्वाइंटों पर फिर से कचरे के ढेर लगने लगे हैं। शहर के बाजारों और गलियों में 23 दिनों से सफाई नहीं होने का भी लोगों ने दावा किया है। इससे गंदगी और दुर्गंध की समस्या बढ़ रही है। लोगों को आशंका है कि शनिवार और रविवार को भी व्यवस्था प्रभावित रही तो सोमवार तक हालात और खराब हो सकते हैं।