सिरसा। पत्नी की चाकू मारकर हत्या करने वाले दोषी पति की सजा को हाईकोर्ट ने अपील के लंबित रहने तक निलंबित कर दिया है। दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने पांच अक्टूबर 2021 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद दोषी से न्यायालय के फैसले के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपील कर दी।
आजीवन कारावास की सजा में से पांच वर्ष, सात माह व 11 दिन की सजा काटने के बाद गांव कोटली निवासी तिलक राजने 25 अप्रैल 2025 को हाईकोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से याचिका दायर कर सजा को निलंबित करने की गुहार लगाई। याचिकाकर्ता ने न्यायालय को बताया कि वह अधिकतम आजीवन कारावास की सजा में से पांच वर्ष से अधिक वास्तविक सजा काट चुका है। यह अपील 2021 से लंबित है और निकट भविष्य में इस पर अंतिम बहस होने की संभावना नहीं। याचिका स्वीकार करते हुए हुए न्यायमूर्ति मंजरी नेहरू कौल व एच.एस ग्रेवाल ने फैसला सुनाया कि अपीलकर्ता की सजा अपील लंबित रहने तक निलंबित रहेगी बशर्ते कि वह संबंधित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या ड्यूटी मजिस्ट्रेट की संतुष्टि के लिए जमानत बांड प्रस्तुत करे। संवाद
शराब पीने से रोकती थी पत्नी
तिलक राज ने 31 मार्च 2019 को अपनी पत्नी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। डिंग थाना पुलिस ने पुत्र नवीन का बयान दर्ज कर तिलक राज के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। नवीन कुमार ने पुलिस को बताया था कि उसका पिता तिलक राज शराब पीने का आदी है। शराब पीकर वह उसकी मां के साथ झगड़ा करता था। मां उसे शराब पीने से रोकती थी इसलिए उसने चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी।