सिरसा। वीरवार से बैंकों और एटीएम में भीड़ बढ़ जाएगी। महीने की एक तारीख को कर्मचारियों को वेतन मिलता है। इस दिन का कर्मचारी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब एक दिसंबर को सैलरी मिलने के बाद कर्मचारी कैश निकलवाने के लिए आगे हैं। एक अनुमान के अनुसार जिले में सभी विभागों के मिलाकर 50 हजार से अधिक कर्मचारी हैं। लोगों के साथ-साथ कर्मचारियों की समस्या बढ जाना अब स्वाभाविक है।
कर्मचारी अपने वेतन की राशि निकालने के लिए तैयारियां करने लगे हैं। हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश प्रवक्ता गुरदीप सैनी ने कहा कि कर्मचारियों के पास वेतन की राशि निकालवाने के लिए समय नहीं होगा क्योंकि जिस समय बैंकों का कामकाज होता है उसी समय उस कर्मचारी की भी ड्यूटी होती है। घंटों तक लाइन में लग कर कैश निकलवाने के लिए उसे केवल अवकाश का सहारा लेना पड़ेगा इस लिए कर्मचारियों ने अपने वेतन को बैंक या एटीएम से निकालने के लिए छुट्टी लेने का मन बना लिया है। कर्मचारियों को घरों का खर्च, अपने कार्यालय तक आने-जाने का खर्च, बच्चों की फीस, बिजली के बिल, दूध वाले से लेकर सब्जी वाले तक की राशि वेतन से ही चुकानी पड़ती है। ऐसे में कर्मचारी ज्यादा दिन इंतजार नहीं कर सकते। इस लिए अब वीरवार से कर्मचारियों में छुट्टी के लिए होड़ मच जाएगी। सरकार को नोट बंदी का फैसला पूरी प्लानिंग के साथ लागू करना चाहिए था। अब आम लोगों के साथ-साथ परेशानी वाली लाइनों में कर्मचारी भी नजर आएंगे।
सैलरी डे को लेकर लीड बैंक अधिकारी एमपी शर्मा ने कहा कि सभी कर्मचारी एक साथ बैंकों में सैलरी लेने नहीं आएंगे। वे देनदारों को जिनको संभव को होगा चेक से भी पेमेंट भी करेंगे। इसके अलावा एटीएम व विभिन्न शाखाओं में जाकर भी राशि निकाल सकेंगे। एक दिन में सभी सैलरी नहीं निकालते जरूरत अनुसार महीना भर कर्मचारी राशि निकालते रहते हैं। जब से नोट बंदी हुई है उसके बाद भी कर्मचारी अपने खातों से राशि निकालते हैं। उसी प्रकार अब भी राशि निकाल सकेंगे। हमारे हिसाब से एक दम से कोई मारामारी का माहौल नहीं होगा।
नोटबंदी के भंवर में फंसे सरकारी कर्मचारी और पेंशनर
आज सैलरी तथा पेंशन डे पर बैंकों में हो सकता है बवाल
अमर उजाला ब्यूरो
डबवाली (सिरसा)। नोटबंदी के बाद से बैंकों में लोगों को कैश नहीं मिल रहा है। लोगों की लंबी-लंबी कतारें बैंकों और एटीएम के बाहर देखने को मिल रही है। एसबीआई में एरिया की सबसे बड़ी चेस्ट है। वहां भी पर्याप्त मात्रा में पैसा नहीं है। ऐसे में एक दिसंबर को कर्मचारियों को सैलरी मिलती है और उनको परेशानी होनी तय है।
चौटाला रोड़ स्थित एसबीआई में करीब दो हजार सैलरी तथा आठ सौ पेंशन खाते हैं। इन खातों में हर माह करीब तीन करोड़ रुपये जमा होते हैं। कर्मचारी दो करोड़ रुपये निकाल लेते हैं। लेकिन इस बार कर्मचारियों को परेशानी आएगी। चूंकि बैंक में कैश नहीं है। हालात बुधवार को ही सामने आ गए थे। जब बैंक में अपने ही खाते से पैसा निकलवाने आए लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। पांच से दस हजार तो बहुत दूर की बात लोगों को दो-दो हजार रुपये नसीब नहीं हुए। काफी संख्या में खाता धारक मायूस होकर वापस लौटे। कैश के लिए लोग बैंक प्रबंधकों की मिन्नतें करते नजर आए। कुछ लोगों ने घर पर राशन न होने की दलील देकर मुख्य शाखा प्रबंधक से महज एक हजार रुपये की मांग की। उनकी पर्ची पर ही बैंक कर्मी ने एक हजार रुपये दिए। दूसरे बैंकों में यही हाल है। ऐसे में वीरवार को बवाल खड़ा हो सकता है। हालांकि सरकार ने क्लास दो तथा तीन को 10-10 हजार रुपये देने की घोषणा कर रखी है। बैंकों में कैश न होने के कारण यह घोषणा भी सिरे चढने की उम्मीद कम है।