संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पुलिस कस्टडी में देसूमलकाना निवासी गुरप्रीत की मौत के बाद ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ काफी गुस्सा है। परिजन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही शव लेने और अंतिम संस्कार करने की बात पर अड़े हैं। पुलिस लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है।
चाचा नछतर व पिता सरोतम सिंह ने कहा कि पुलिस ने उनके परिवार के इकलौते बेटे को छीन लिया। उनका पूरा परिवार उजड़ गया है। उनके पीछे उनकी चार वर्ष की बच्ची रह गई है। परिजनों ने प्रशासन व सरकार से 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने व पूरे थाने को सस्पेंड करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाता व शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
परिजनों ने बताया कि शनिवार को उन्हें मक्की काटने के लिए मशीन लगाई हुई थी। गुरप्रीत मशीन से कटा हुआ चारा खेत से घर पर ला रहा था। तभी पुलिस ने उनके घर पर छापा मार दिया। जब उन्होंने पुलिस के कर्मचारियों से पूछना चाह तो उन्होंने कुछ नहीं बताया। एक पुलिस कर्मचारी ने उनके घर में खड़े मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर और गाड़ी की चाबी भी निकाल ली। इसके बाद जैसे ही गुरप्रीत टैक्ट्रर लेकर पहुंचा तो पुलिस कर्मी उसे गाड़ी में डालकर ले गए। पड़ोसियों के वाहन से उन्होंने पुलिस की गाड़ी का पीछा किया, लेकिन तब तक उनकी गाड़ी वहां से निकल गई। इसके बाद गुरप्रीत की जानकारी लेने के लिए वे कालांवाली थाना सहित अन्य कार्यालयों में भी चक्कर काटते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। शनिवार रात साढ़े 11 बजे उन्हें गुरप्रीत की मौत होने की जानकारी मिली।
कोरोना काल में पत्नी की हो गई थी मौत अब चार वर्ष की रही बच्ची
कालांवाली के देसूमलकाना निवासी गुरप्रीत मां बाप का इकलौता बेटा था। कोरोना काल में उसकी पत्नी की मौत हो गई थी, जबकि अब उसकी चार वर्ष की बेटी ही रह गई। पूरे गांव में मातम का माहौल बना हुआ है।
10 वर्षों से अपराधिक मामलों में संलिप्त था गुरप्रीत
गुरप्रीत 10 वर्षों से आपराधिक मामलों में संलिप्त था। उस पर सिरसा के साथ दूसरे राज्यों में नशा तस्करी, आर्म्स और पाॅस्को एक्ट सहित नौ मामले दर्ज हैं। पुलिस को गुरप्रीत के पास चिट्टा होने की सूचना मिली थी। इसके चलते पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन हिरासत में मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार गुरप्रीत पर वर्ष 2013 में नशा सप्लाई का पहला मामला पंजाब के बठिंडा में दर्ज हुआ था। उस पर पांच मामले एनडीपीएस, एक पॉस्को, आर्म्स एक्ट व अन्य लड़ाई-झगड़े के मामले दर्ज हैं। अब मृतक के परिजनों के बयान पर पुलिस ने नारकोटिक्स सेल इंचार्ज सहित अन्य पर हत्या का मामला दर्ज किया है। देर रात को पीड़ित परिवार के सदस्य चंडीगढ़ में गृह मंत्री अनिल विज से भी मिलने के लिए रवाना हुए हैं।
मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवा दिया है, लेकिन उनके परिजनों ने शव लेने से इन्कार कर दिया है। उनके परिजनों समझाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - उदय सिंह मीना, पुलिस अधीक्षक, सिरसा।