सिरसा। सिरसा मंडी में अभी तक बाजरे की पुरजोर आवक शुरू नहीं हुई है ऐसे में सरकारी खरीद एजेंसी ने अभी तक बाजरे की उपज की कोई खरीद नहीं की हैं। हालांकि जिले की अन्य मंडियों में बाजरे की आवक शुरू हो गई है। लेकिन अब मानकों के आधार पर होगी बाजरे की उपज की खरीद होगी।
ऐसे में सोमवार को पहले दिन दो किसान बाजरे की फसल सिरसा मंडी में लेकर पहुंचे, लेकिन सरकारी मानकों के अनुसार बाजरे की सरकारी खरीद नहीं होने से किसानों ने निजी व्यापारियों को बाजरे की फसल बेच दी। सरकारी खरीद न होने का मुख्य कारण बाजरे की क्वालिटी का एजेंसी के मानकों पर खरा न उतरना बताया जा रहा है।
बता दें कि वर्ष 2024 में जिले में वेयरहाउस एजेंसी की ओर से 2500 मीट्रिक टन बाजरा खरीदा गया था। इस बार खरीद शुरू हुए एक सप्ताह का समय बीत चुका है, लेकिन कोई खरीद सरकारी एजेंसी की ओर से नहीं की गई है।
यह रहेंगे सरकारी खरीद के नियम
1. बाहरी पदार्थ- 1.0% ,
2. अन्य खाद्यान्न- 2.0% ,
3. क्षतिग्रस्त अनाज-10% ,
4. थोड़ा क्षतिग्रस्त और रंगहीन अनाज - 5.0%
5. सिकुड़े और अपरिपक्व अनाज- 4.0%
6. घुन लगे हुए -1% ,
7. नमी की मात्रा 13%
यह मानक सरकारी खरीद एजेंसी की ओर से बाजरे की उपज के लिए रखे गए हैं। जो भी बाजरे की उपज इन मानकों पर खरी उतरेगी उसकी खरीद ही एजेंसी की ओर से की जाएगी। दूसरी उपज तो मानकों के अनुसार सही नहीं होगी उसकी खरीद एजेंसी नहीं करेगी।
ग्रेन एनालाईजर मशीन में इस प्रकार बाजरे की उपज की होती है टेस्टिंग
किसान खेत से अनाज मंडी में बाजरे की उपज लेकर आता है, मंडी में आने पर गेटपास काटे जाते हैं उसके बाद मार्केट कमेटी के अधिकारी व कर्मचारी, खरीद एजेंसी के अधिकारी मौके पर ग्रेन एनालाइजर मशीन को लाते हैं ओर उसमें बाजरे की उपज को डाला जाता है। जिसके बाद बाजरे की उपज की टेस्टिंग होने के बाद एक रसीद मशीन से निकलती है जिसमें उस उपज की क्वालिटी के बारे में लिखा होता है। रसीद में अगर बाजरे की उपज की क्वालिटी एजेंसी के मानकों के अनुसार सही पाई जाती है तो एजेंसी उस उपज की खरीद करती है अन्यथा उसकी खरीद नहीं कि जाती है।
बाजरे की उपज को ग्रेन एनालाईजर में जांच के बाद रिपोर्ट में सही क्वालिटी की होगी, उस उपज की खरीद एजेंसी की ओर से की जाएगी। जो उपज एजेंसी के मानकों पर सही नहीं पाई जाती उसकी खरीद नहीं की जाएगी। - भीम सिंह, प्रबंधक, वेयरहाउस एजेंसी सिरसा।