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Sirsa News: पोर्टल दे गया जवाब...पहले दिन नहीं हो पाई पेपर लेस रजिस्ट्री

Mon, 03 Nov 2025 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। ई दिशा में खाली पड़े काउंटर, अंदर नायब ​ तहसीलदार कर्मचारियों को निर्देश देते हुए। संवाद
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सिरसा। प्रदेश में पेपर लेस रजिस्ट्री को लेकर प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई। सिरसा जिले में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई। रजिस्ट्री नहीं होने के पीछे का मुख्य कारण पोर्टल नहीं चलना बताया गया। अधिकारियों के अनुसार अभी तक पेपर लेस रजिस्ट्री को पूरी तरह से शुरू होने में एक सप्ताह का वक्त लग सकता हैं। यह सिस्टम आमजन के लिए बेहद फायदेमंद रहेगा। नया सिस्टम होने के कारण दस्तावेजों को सत्यापन करना, एक बड़ी चुनौती बनेगी। इसके लिए गंभीरता से योजना बनाई जाएगी ताकि कोई गड़बड़ी न हो। नायब तहसीलदार ने भी ई दिशा का निरीक्षण किया और कर्मचारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
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फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री करवाने का मामला पहले ही शहर में चल रहा है, जिसमें चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका हैं। ऐसे में ऑन लाइन रजिस्ट्री सिस्टम में दस्तोवजों की जांच करना एक अहम कार्य रहेगा और इसमें लापरवाही की सूरत में गाज गिरना तय है। इसलिए हर स्तर पर किसकी क्या जिम्मेदारी रहेगी इस पर अभी तक कोई गाइडलाइन नहीं आई है। अधिकारियों को अपने स्तर पर ही बड़ी सावधानी से रजिस्ट्री करवानी होगी।

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ई दिशा व तहसील में नहीं दिखे लोग

सरकार ने ऑन लाइन टोकन सिस्टम पहले ही लागू कर दिया था और उसी आधार पर रजिस्ट्री होती थी। अब पेपरलेस सिस्टम शुरू होने के बाद सोमवार को ई दिशा में आठ काउंटरों पर सन्नाटा पसरा रहा। जहां पर रजिस्ट्री संबंधी कार्य होते थे। दूसरी ओर तहसील के अंदर भी बहुत कम भीड़ नजर आई। चुनिंदा लोग ही तहसील कार्यालय में घूमते हुए नजर आए।
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यह रहेगी चुनौती

- एडिट किए गए दस्तावेजों को सत्यापित करना।

- अधूरे दस्तावेज अपलोड करना।

- दस्तावेज को स्केन करने के दौरान छोटी छोटी गलतियां होना।

- हर दस्तावेज को ऑन लाइन मॉनिटर पर जांचना। इसे पढ़ने में 20 मिनट का कम से कम वक्त लगेगा।



यह होगा आमजन को फायदा

- दलालों से मुक्ति मिलेगी।

- रजिस्ट्री करवाने के लिए ई दिशा के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

- घर बैठे ही आवेदन किया जा सकेगा।

- कम खर्च में लोगों का काम चल जाएगा।



कमी होने पर ऑनलाइन ही दिया जाएगा जवाब

अभी तक पोर्टल पूरी तरह से शुरू नहीं हुआ है। इसके बाद भी सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि दस्तावेजों में कमी होने की सूरत में उनका क्या करना है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि एनडीसी सिस्टम की तरह ही फाइलों को रिवर्ट करने का सिस्टम इस पोर्टल पर लागू होगा। इसका फायदा यह होगा कि कोई दस्तावेज कम होने पर आवेदनकर्ता उसे दस्तावेज को घर बैठे ही दुरुस्त कर पाएगा और पुन: अपलोड कर देगा।



पोर्टल अभी पूरी तरह से शुरू नहीं हुआ है। कर्मचारियों की कमी नहीं है। व्यवस्था बना दी जाएगी। पोर्टल पूरी तरह से शुरू होगा तो सही मायने में पता चल पाएगा कि काम करने की प्रक्रिया क्या रहेगी। उसी आधार पर इस सारे सिस्टम को शुरू किया जाएगा। दस्तावेजों की जांच पर विशेष फोक्स रहेगा।
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प्रदीप कुमार, तहसीलदार , सिरसा
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