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Sirsa News: रात्रि ठहराव के लिए बनाया स्थाई रैन बसेरे में नहीं नियमित कर्मचारी, दो दिन रहता है बंद

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सिरसा। शुक्रवार रात को रेन बसेरे का मुख्य गेट पर बंद पड़ा गेट। संवाद
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सिरसा। शहर में यात्रियों के रात्रि ठहराव के लिए प्रशासन की ओर से रैन बसेरे की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसकी जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंपी गई है, लेकिन यह सुविधा कागजों में ही सीमित होकर रह गई है। सप्ताहांत पर शनिवार और रविवार को रैन बसेरे पर ताला लटका रहता है। इससे यात्रियों को रात गुजारने के लिए किसी अन्य जगह भटकना पड़ता है।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक रैन बसेरे की देखरेख के लिए किसी कर्मचारी की नियमित ड्यूटी तय नहीं की गई है। छुट्टी के दिनों में वहां तैनात कर्मचारी अपने घर चले जाते हैं। इसके चलते बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से आने वाले यात्रियों को मायूस लौटना पड़ता है। नगर परिषद प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि कई अधिकारियों को भी रैन बसेरे की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं है।
शुक्रवार रात करीब आठ बजे जब रैन बसेरे का निरीक्षण किया गया तो मुख्य गेट और पिछला दरवाजा दोनों पर ताला लगा हुआ था। आवाज देने पर भी कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। आसपास के निवासियों ने बताया कि शुक्रवार रात से लेकर सोमवार सुबह तक रैन बसेरा लगभग हर हफ्ते बंद रहता है और इस अवधि में कोई भी जिम्मेदार कर्मचारी स्थल पर नहीं आता। परिणामस्वरूप, बेघर और बाहर से आए यात्री वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
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बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर दूर पड़ता है रैन बसेरा
नगर परिषद की ओर से बनाया गया स्थायी रैन बसेरा बस स्टैंड से साढ़े चार किलोमीटर तो रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर दूर पड़ता है। यात्री विशेष रूप से ई-रिक्शा लेकर वहां पर जाते हैं और 30 से 50 रुपये तक रात को किराया देना पड़ता है। ऐसे में रात के समय रैन बसेरा बंद होने पर दो गुना किराया खर्च करना पड़ता और परेशानी उठानी पड़ती है।
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नहीं जारी किया गया है कोई हेल्पलाइन नंबर
रात के समय रैन बसेरा बंद होने के कारण यात्रियों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई हेल्पलाइन नंबर जारी नहीं किया गया है, जहां पर यात्री अपनी व्यथा बता सकें। इसके लिए किसी की जवाबदेही तय नहीं की गई है और महज खानापूर्ति से यह रैन बसेरा चल रहा है। स्थायी तौर पर कर्मचारी की ड्यूटी भी रैन बसेरे में नहीं लगाई गई है। दूसरे जिले से सिरसा नगर पालिका में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी व ग्रामीण कर्मचारी ही शुक्रवार शाम तक यहां पर रहते हैं। इसके बाद वे चले जाते है।

किचन की नहीं है नियमित व्यवस्था
रैन बसेरे में आठ बैड की व्यवस्था की गई है, जो कम है। इसको बढ़ाने के लिए वहां पर अस्थायी तौर पर रहने वाले कर्मचारियों ने अधिकारियों को अवगत करवाया है। इसके अलावा किचन के अंदर कोई व्यापक प्रबंधन नहीं है। चाय से लेकर अन्य सुविधा भी रात्रि के समय में आने वाले व्यक्ति को उपलब्ध नहीं होती है।


नियमित रूप से कर्मचारी की व्यवस्था नहीं है। इसकी जांच करवाई जाएगी और अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे नियमित रूप से कर्मचारी की ड्यूटी लगाए। स्वयं भी निरीक्षण कर जांच करेंगे। -
वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद।

सिरसा। शुक्रवार रात को रेन बसेरे का मुख्य गेट पर बंद पड़ा गेट। संवाद

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