कालांवाली। महंत बाबा गुरदेव सिंह की 27वीं बरसी पर उपमंडल के गांव दादू में स्थित गुरुद्वारा दशमेशसर साहिब में सात दिवसीय धार्मिक समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान संतों के दीवान सजाकर 13 अगस्त से शुरू श्री अखंड पाठों और श्री सहज पाठों के भोग सोमवार को डाले गए। इसके माध्यम से लोगों को धर्म मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
समागम में ज्ञानी हरप्रीत सिंह जत्थेदार तख्त श्री दमदमा साहिब, ज्ञानी जगतार सिंह हैडग्रंथी, तख्त श्री दमदमा साहिब, ज्ञानी ठाकुर सिंह पटियाला वाले, भाई निर्भय सिंह, तख्त श्री दमदमा साहिब, बाबा अवतार सिंह मस्तुआना वाले, बाबा हरदीपक सिंह, टिब्बे वाले, बाबा हरदेव सिंह राजस्थान वाले सहित कई संत, महात्मा पहुंचे। इन संतों के रागी और ढाड़ी जत्थों ने गुरुओं की वाणी का गुणगान किया।
समागम की अध्यक्षता कर रहे गुरुद्वारे के मुख्य सेवादार बाबा दर्शन सिंह खालसा ने बताया कि बाबा गुरदेव सिंह ने तन, मन, धन से जनसेवा की थी। उन्होंने गांव दादू समेत आसपास के इलाकों में सिखी का प्रचार किया था। इसके माध्यम से उन्होंने हजारों लोगों को नशा, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, बाल विवाह, जात-पात आदि सामाजिक बुराइयों से बचाकर धर्म मार्ग पर चलाया। हम सबको उनसे प्रेरणा लेकर हमेशा आपसी भाईचारा कायम रखना चाहिए और प्रेम-प्यार से रहना चाहिए।
समागम में कालांवाली की स्थानीय संगत समेत देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने भी माथा टेक संतों महापुरुषों के प्रवचन सुने और गुरु का अटूट लंगर ग्रहण किया। इस दौरान गुरुद्वारे की ओर से साध संगत को पौधे देकर उनकी नियमित देखभाल का भी संदेश दिया।