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अधिकारी बोले : खरीफ चैनल की टेल तक पहुंचाएंगे पानी, अवैध बड़ी पाइपें हटेंगी

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नुहियांवाली में किसानों के साथ बैठक करते अधिकारी। 
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ओढां। रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल के अंतिम छोर पर पड़ने वाले किसानों को सिंचाई पानी से वंचित रहना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए सिंचाई विभाग ने अधिकारियों ने गांव पन्नीवाला मोटा, घुकांवाली व नुहियांवाली मेंं पहुंचकर किसानों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनते हुए सुझाव भी मांगे।
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किसानों ने कहा कि रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल की टेल पर पड़ने वाले गांवों तक पानी नहीं पहुंच रहा। अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि इस विषय में कार्रवाई तक टेल तक पानी पहुंचना सुनिश्चित करवाया जाएगा और अवैध बड़ी पाइपें हटाई जाएंगी।
अधिकारियों ने कहा कि जो बिजली विभाग की मोटरें लगाकर पानी उठाया जा रहा है उनके कनेक्शन कटवाए जाएंगे। इस बारे में बकायदा सूची भी बनाई हुई है।
नुहियांवाली के किसान सतपाल बड़जाती, हनुमान नेहरा, महावीर, विनोद सहारण, रमेश कुमार, शीशपाल, बलराम व महेंद्र आदि ने बताया कि उन्हें कभी भी समय पर सिंचाई पानी नहीं मिलता। इसके चलते उनको चैनल का कोई लाभ नहीं मिल रहा।
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अधिकारियों ने किसानों की समस्या सुनने के साथ-साथ सुझाव मांगते हुए कहा कि अगर सभी किसान सहमत हों तो भाईचारा बाराबंदी बना दी जाएगी, ताकि सभी को सिंचाई पानी मिल सके। उन्होंने गांव में खरीफ चैनल के लिए एक कमेटी का गठन करने के लिए कहा।
अधिकारियों ने कहा कि वे उनके बीच उनकी समस्या जानने के लिए आए हैं ताकि बड़े से लेकर छोटे किसान तक हर किसी को खरीफ चैनल का पानी उपलब्ध हो। इस दौरान एसडीओ चंद्रमोहन कालांवाली, जेई रमेश कुमार बरतिया, बीडीपीओ अमन मित्तल व एसडीआर मोहम्मद रफी आदि मौजूद रहे।

किसानों ने ये रखी समस्याएं

किसानों ने अधिकारियों को बताया कि खरीफ चैनल के रास्ते में किसानों ने सतह पर बड़ी-बड़ी पाइपें डाल रखी हैं। ऐसे में उन किसानों को तो हर समय पानी उपलब्ध रहता है, लेकिन अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों के किसानों को पानी से वंचित रहना पड़ता है। गांव नुहियांवाली व राजपुरा-रत्ताखेड़ा टेल पर पड़ते हैं। किसानों ने कहा कि उक्त पाइपों को उखड़वाया जाए, ताकि सभी को पानी मिल सके। इसके अलावा गांव नुहियांवाली के किसानों ने खरीफ चैनल पर खेतों में जाने के लिए पुल न होने की भी समस्या रखी। इसके साथ-साथ उन्होंने खरीफ चैनल की सफाई की भी मांग रखी। किसानों ने अधिकारियों को भाईचारा बाराबंदी के लिए पूर्ण रूप से सहमति दी।



टेल तक पानी न पहुंचने की समस्या के मद्देनजर उच्चाधिकारियों के आदेश पर तीन गांवों के किसानों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनते हुए सुझाव भी मांगे गए हैं। किसानों की समस्या एक ही है कि रास्ते में किसानों ने जो बड़ी-बड़ी पाइपलाइन डाल रखी हैं उन्हें उखड़वाया जाए। विभाग का प्रयास है कि अंतिम छोर तक पानी पहुंचे। जो बड़ी पाइपलाइन की समस्या है उस पर विभाग काम कर रहा है। सभी किसानों की भाईचारा बाराबंदी पर सहमति है। बाराबंदी से फायदा होगा कि जब तक टेल तक पानी नहीं पहुंच जाता तब तक कोई भी किसान पानी नहीं उठाएगा। इसके बाद विभाग शेड्यूल तैयार करेगा। इसके तहत सभी गांवों के किसान अपनी-अपनी बारी के हिसाब से पानी उठाएंगे। - चंद्रमोहन, एसडीओ, रोड़ी जलसेवाएं मंडल, कालांवाली
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