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Sirsa News: चचेरे भाई की हवस का शिकार बनी नाबालिग ने दिया बच्चे को जन्म, लोकलाज के डर से घरवालों ने साध ली थी चुप्पी, सिविल हॉस्पिटल में डिलीवरी होने से हुआ खुलासा

Wed, 26 Mar 2025 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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हितेश चतुवर्दी
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सिरसा। एक नाबालिग को उसके चचेरे भाई ने ही अपनी हवस का शिकार बना लिया। इसके बाद उक्त नाबालिग गर्भवती हो गई। सिविल हॉस्पिटल में नाबालिग की डिलीवरी होने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। नाबालिग ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है।

इस मामले में लोकलाज के डर से नाबालिग की मां व सौतेले पिता ने चुप्पी साध ली और किसी को कुछ नहीं बताया। सूत्रों के अनुसार, घरवाले नाबालिग की डिलीवरी घर पर कराना चाहते थे, लेकिन हालत बिगड़ती देख उसे नागरिक अस्पताल ले जाना पड़ा। नाबालिग के बयान पर चोपटा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
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जानकारी के अनुसार बिहार की एक महिला की शादी नाथूसरी चोपटा थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। कुछ साल पहले महिला के पति की मौत हो गई थी। इसके बाद महिला ने चोपटा क्षेत्र के ही एक व्यक्ति से दूसरी शादी कर ली और अपनी दो बेटियों के साथ उसके घर रहने लगी। जुलाई 2024 को उसकी 16 वर्षीय बेटी के साथ चचेरे भाई ने दुष्कर्म किया। साथ ही उसे धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार दूंगा। डर के मारे नाबालिग ने किसी को कुछ नहीं बताया। दुष्कर्म के बाद नाबालिग गर्भवती हो गई।

तीन माह बाद नाबालिग की मां को उसके गर्भवती होने का पता चला। नाबालिग ने मां को बताया कि भईया ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।







पूरे मामले का पता चलने पर मां और सौतेला पिता बेटी के साथ हुए जघन्य कृत्य को छुपाने में लग गए। इसके बाद घरवालों ने नाबालिग को घर पर ही रखा और योजना बनाई कि इसकी डिलीवरी घर पर या बाहरी इलाके में स्थित किसी अस्पताल में कराएंगे, ताकि किसी को कुछ पता नहीं चले। संवाद







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हालत बिगड़ने पर ले जाना पड़ा नागरिक अस्पताल







13 मार्च, 2025 को नाबालिग को प्रसव पीड़ा होने लगी। घरवालों ने घर पर ही डिलीवरी कराने की कोशिश की, लेकिन संभव नहीं हो पाया। नाबालिग की हालत बिगड़ती चली गई। घरवाले उसे लेकर दो अस्पतालों में पहुंचे, लेकिन वहां भी डिलीवरी नहीं हो पाई। आखिरकार बेटी की जान बचाने के लिए उसे सिरसा के नागरिक अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टर ने आधार कार्ड देखा तो उसमें आयु 18 वर्ष से कम पाई गई। डॉक्टरों ने उसे दाखिल कर लिया। यहां उसने पुत्र को जन्म दिया।







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अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस







आयु 18 वर्ष से कम होने के कारण अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना बाल कल्याण समिति और पुलिस को दी। बाल कल्याण समिति व पुलिस ने नाबालिग से बात की तो उसने सारी आपबीती बता दी। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग का बयान दर्ज कर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया।















अब नाबालिग की मां पालेगी बच्चा







नाबालिग की मां ने बाल कल्याण समिति से आग्रह किया कि बेटी के बच्चे को वह पालना चाहती है। बाल कल्याण समिति ने सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को नाबालिग की मां के हवाले कर दिया। 25 मार्च को नाबालिग को भी अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
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कोट्स







आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। मामले की जांच महिला एसआई कर रही हैं। आरोपी मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला है। -इंस्पेक्टर सुखदेव, प्रभारी थाना नाथूसरी चोपटा।
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