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सीडीएलयू के लॉ विभाग को नहीं मिली मान्यता

Fri, 28 Mar 2014 11:24 PM IST
सिरसा ब्यूरो
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चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के लॉ विभाग को मान्यता देने के लिहाज से बीसीआई की टीम शनिवार को पहुंची। चार सदस्यों की टीम ने पहले दिन विभाग की सुविधाओं का निरीक्षण किया। टीम का कहना है कि लाइब्रेरी में पुस्तकों, प्राध्यापकों, कक्षाओं की पूर्णतया विस्तार सहित लिखित दस्तावेज लिए जाएंगे। दस्तावेजों की जांच के बाद बीसीआई अगला कदम स्पष्ट करेगी। इस प्रक्रिया में समय लग सकता है। इसके अलावा टीम ने सिरसा में स्थित लाला हंसराज लॉ कालेज का भी निरीक्षण किया।
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   बार काउंसिंल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की ओर से पहुंची टीम ने विभाग की सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए विभागाध्यक्ष और अन्य अधिकारियों से विभाग की लाइब्रेरी में पुस्तकों और अन्य पाठ्य सामग्री की जांच की। विभागाध्यक्ष ने लाइब्रेरी में स्थापित ऑनलाइन जनरल के बारे में निरीक्षक टीम को बताया। इसके बाद विभाग के मूट कोर्ट हॉल, कंप्यूटर लैब, लीगल एंड क्लीनिक और सभी कक्षाओं की जांच के बाद टीम ने सभी प्राध्यापकों से बैठक करते हुए जानकारी प्राप्त की। सभी सदस्यों ने विभाग में मौजूद प्रत्येक सुविधा का अच्छे से निरीक्षण किया, इसके उपरांत टीम की कुलपति से बैठक हुई। कुलपति ने उन्हें विधि के मलटीप्रपज हॉल और लाइब्रेरी को भी दिखाया। विधि के इंफ्रास्टक्चर से टीम सदस्य संतुष्ट दिखाई दिए।

टीम में ये लोग शामिल
निरीक्षण टीम में 2 सदस्य बार काउंसिंल ऑफ इंडिया और दो सदस्य बार काउंसिंल आफ पंजाब एंड हरियाणा के शामिल थे। दिल्ली से आई टीम ने सिरसा के लाला हंसराज लॉ कालेज का भी निरीक्षण किया।
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रिपोर्ट बीसीआई में जाएगी
बार काउंसिंल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चेयरमैन रणधीर सिंह ने निरीक्षण के बारे में बताया कि उनका विशेष ध्यान विभाग में कार्यरत प्राध्यापकों से हैं, जिसमें उन्होंने जांच के बाद पाया कि गेस्ट प्राध्यापकों का अनुपात अधिक है। इसलिए सभी को नियमित करने की सलाह दी गई है। मूट कोर्ट हाल से पूरी तरह संतुष्ट है। कंप्यूटर लैब में भी सुधार और विस्तार की गुंजाइश है। लाइब्रेरी में भी उन्होंने पुस्तकों की जांच की है, कुछ पुस्तकों की कमी लग रही है, बीसीआई की हिदायतें अनुसार जो पुस्तकें कम है उन्हें पुरा करने के लिए सुझाव दिया जाएगा। विभाग में कक्षाओं की संख्या भी ठीक-ठाक है इसमें भी सुधार करने का सुझाव दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुस्तकों से लेकर प्राध्यापकों आदि की पूर्ण विस्तार से लिखित जानकारी मांगी गई है, जो बीसीआई में भेजी जाएगी। वहां पूर्ण निरीक्षण उपरांत जो फैसला आएगा उसी अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसमें समय लग सकता है।  
-रणधीर सिंह, चेयरमैन बार काउंसिंल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा


छात्र बोले, देर आए दुरुस्त आए
उधर, छात्रों का कहना है कि जो बहुत पहले हो जाना चाहिए था, उसे अब किया जा रहा है। चलो अच्छा है देर आए दुरुस्त आए। उन्होंने बताया कि बीसीआई टीम के आने के कारण उन्हें उम्मीद जागी है कि उनका भविष्य खराब नहीं होगा।

निरीक्षण के बहाने हो गया सुधार
उन्होंने बताया कि इस निरीक्षण को लेकर विभाग ने बहुत सुधार किए हैं, लाइब्रेरी में नई पुस्तकें लाई गई हैं, विद्यार्थियों के लिए सुप्रीम कोर्ट तक के जनरल तक उपलब्ध करवाए गए हैं। ऑनलाइन सुविधा दी गई है जिसमें यूजीसीइनफो डॉट नेट और डेलनेट को खरीदा गया है। इसके माध्यम से हम दुनिया के किसी भी देश के महत्वपूर्ण केस की स्टडी कर पाएंगे। विद्यार्थियों का यह भी कहना है कि बीसीआई की गाइड लाइन की सख्ती से पालना होनी चाहिए, समय-समय पर उसमें आए परिवर्तनों पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उसी अनुसार ड्रेस कोड भी लागू किया जाए। नियमित व समय से कक्षाएं लगाई जाएं। नियमित मूट कोर्ट और सेमिनारों का आयोजन किया जाए। अगर विभाग इसे अपना लेता है तो यहां से पढ़ने वाले विद्यार्थी सुगमता से अपना भविष्य सुरक्षित कर सकेंगे।
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