सिरसा। गांव सकताखेड़ा स्थित हैफेड के गोदाम में बनी डिग्गी में डूबने से मजदूर की मौत हो गई। वहीं, मृतक के परिजनों ने हैफेड के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव शेरगढ़ निवासी जगदीश ने बताया कि उसका भाई सुभाष गांव सकताखेड़ा में स्थित हैफेड के गोदाम में मजदूरी करता था। उसके साथ गांव का ही खुशविंद्र सिंह भी काम करता है। 20 जून की सुबह सुभाष व खुशविंद्र हैफेड में काम के लिए गए थे। दोपहर करीब सवा तीन बजे उसे सूचना मिली कि पैर फिसलने के कारण सुभाष गोदाम में बनी पानी की डिग्गी में गिर गया है। सूचना पाकर वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचा। इसके बाद उसने तुरंत गोताखोर धर्मेंद्र को बुलाया और सुभाष को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
आरोप है कि हैफेड के किसी कर्मचारी ने उसके भाई की मदद नहीं की। हैफेड के भवन में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिस कारण हादसे का हर समय अंदेशा बना रहता है। जगदीश ने आरोप लगाया कि गोदाम के अधिकारियों के कहने पर सुभाष पानी लेने गया था। उनकी लापरवाही के कारण ही उसके भाई की मौत हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एसओ राजेंद्र शर्मा और हैफेड मैनेजर मांगेलाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है।