डबवाली। दी हरियाणा कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी एम्पलाइज यूनियन का धरना मंडी में जारी है। इसी बीच 11 अक्तूबर को यूनियन को सरकार ने वार्ता के लिए बुलाया है। प्रदेश महामंत्री गोदारा ने बताया कि प्रदेश में मंडी स्तर पर 69 सहकारी विपणन समितियां हैफेड के अंतर्गत कार्यरत है। इन समितियों का मुख्य कार्य फसलों की खरीद बिक्री, किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक दवाइयों की आपूर्ति करना है।
यूनियन फसल खरीद पर मिलने वाले कमीशन में बढ़ोतरी की मांग लंबे समय से कर रही थी। हैफेड प्रबंधन ने 29 सितंबर को कमीशन बढ़ोतरी की मांग को दरकिनार करते हुए धान के 5.80 रुपये प्रति क्विंटल के कमीशन को घटाकर 1.33 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। उन्होंने बताया कि इसे लेकर कर्मचारी एक अक्तूबर को हैफेड मुख्यालय पंचकूला में रोष प्रकट करने के लिए पहुंच गए।
हैफेड के प्रबंध निदेशक को चेतावनी पत्र दिया गया कि यदि छह अक्तूबर तक मामले का समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारी सात अक्तूबर को हड़ताल पर चले जाएंगे। इस चेतावनी पर हैफेड प्रबंधन की ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। परिणाम स्वरुप कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के चौथे दिन यूनियन को सरकार की ओर से वार्ता के लिए निमंत्रण मिला है। शनिवार को यूनियन का प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ वार्ता के लिए जाएगा। वार्ता सुबह 11 बजे हरियाणा निवास में होगी। यूनियन की ओर से सात सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी।
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रानियां ने किया रोष प्रदर्शन
धान की फसल खरीद पर समितियों का कमीशन घटाने पर दि रानियां सहकारी विपणन एवं प्रसाधन समिति लिव रानियां ने प्रधान सरदार जगजीत सिंह की अध्यक्षता में प्रदर्शन किया। उन्होंने हैफेड के डीएम को ज्ञापन सौंपा। रानियां समिति ऑफिस के सामने सदस्यों ने रोष प्रदर्शन किया। इस रोष प्रदर्शन में समिति प्रधान जगजीत सिंह, समिति डायरेक्टर लखवीर सिंह झब्बर, जीत सिंह, रवि कुमार व प्रतिनिधि अनिल कुमार, सोसाइटी मेंबर सरदार गुरनाम सिंह झब्बर आदि मौजूद रहे।