चोपटा (सिरसा)। बीमा क्लेम व मुआवजे की मांग को लेकर गांव नारायणखेड़ा में 86 घंटे से अधिक समय से किसान 110 फुट ऊंची पानी की टंकी पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। एसडीएम राजेंद्र सिंह ने शनिवार को किसानों से मोबाइल फोन पर बातचीत कर सेहत के बारे में जानकारी ली। इस पर किसान बोले हमारी चिंता मत करो बस क्लेम दिला दो। वहीं, रात में दो किसान सोते हैं तो दो पहरा देते हैं। नींद पूरी नहीं होने के कारण किसानों की सेहत बिगड़ रही है।
शनिवार को चौथे दिन भी किसानों का जलघर की टंकी पर प्रदर्शन जारी रहा। प्रशासनिक अधिकारी किसानों को बार-बार आश्वासन देकर नीचे उतरने की अपील कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि या तो उनके खाते में सरकार बीमा क्लेम और मुआवजा राशि जारी कर दे, नहीं तो वे टंकी से छलांग लगाकर अपनी जान देने को भी मजबूर होंगे।
वहीं, सरपंच एसोसिएशन के पांच सदस्य भी अब आमरण अनशन पर किसानों के समर्थन में बैठ गए हैं। अब अनशन पर बैठने वालों की संख्या 11 हो गई है। आमरण अनशन पर गांव दड़बा कलां की सरपंच संतोष बैनीवाल, नाथूसरी कलां की सरपंच रीटा कासनिया, माखोसरानी के सरपंच सुभाष कासनियां, रूपावास के सरपंच उदयपाल व कागदाना के सरपंच प्रतिनिधि मांगेराम बैठ गए हैं।
बता दें कि तहसील कार्यालय नाथूसरी चोपटा में बीमा क्लेम व मुआवजे को लेकर भारतीय किसान यूनियन के बैनरतले 93 दिन से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। किसानों की मांग है कि खरीफ 2022 फसल का बीमा क्लेम व मुआवजा जारी किया जाए। वहीं, टंकी के नीचे किसानों का धरना जारी है। पांच किसान पहले से ही आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। शनिवार को गांव कैरांवाली का किसान मनीष कस्वां अनशन पर बैठ गया। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं होगी, हमारा आमरण अनशन जारी रहेगा।
इन गांवों के किसान चढ़े हैं पानी की टंकी पर
गांव नारायण खेड़ा में बने जलघर की टंकी पर बुधवार को सुबह करीब साढ़े पांच बजे चार किसान पानी की टंकी पर चढ़ गए। इनमें गांव नारायण खेड़ा निवासी किसान भरत सिंह झाझड़ा, शक्करमंदोरी निवासी दिवान सहारण व नरेंद्र सिंह, गांव नाथूसरी कलां निवासी जयप्रकाश शामिल हैं।
फोन पर स्वास्थ्य के बारे में पूछा
किसान भरत सिंह ने बताया कि एसडीएम शनिवार को पहुंचे और फोन पर स्वास्थ्य के बारे में पूछा। क्लेम के बारे में एसडीएम ने कुछ नहीं कहा। किसान नरेंद्रपाल के बुखार व सांस लेने में दिक्कत आ रही है। किसान दिवान सहारण के पेट में दर्द है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी मौन है। अभी तक कोई भी स्पष्ट तौर पर जवाब नहीं आया है। यहां पर केवल ड्यूटी पर तहसीलदार तैनात है। किसानोंं तक आवश्यक सामान बाल्टी को रस्सी के सहारे ऊपर तक पहुंचाया जा रहा है। किसानों ने जलघर के अंदर टेंट भी लगाया हुआ है।