सिरसा। जिले भर के सभी 31 बैंकों और 232 शाखाएं सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं। अक्तूबर माह में सभी बैंकों की ओर से दी गई रिपोर्ट के अनुसार सभी बैंकों और शाखाओं में सीसीटीवी कैमरे चालू हालात में हैं।
जिले में सभी बैंकों और शाखाओं में सीसीटीवी फुटेज सहज कर रखी हुई है। नोट बंदी के बाद अब तक किसी भी बैंक ने फुटेज डिलिट नहीं की है। 31 बैंक सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं। गत दिवस एक बैंक में हुए चोरी के प्रयास के बाद भी फुटेज खंगाले गए जिसमें पीछे का पूरा रिकॉर्ड शॉ कर रहा है। इसी प्रकार कस्बों और गांवों में शाखाएं अधिक हैं जिनमें से कुछ शाखाएं शहरी क्षेत्र में भी हैं। कुल शाखाएं 232 हैं। जिला अग्रणी बैंक ने अक्तूबर माह में सीसीटीवी कैमरों के बारे में सभी बैंकों से रिपोर्ट मंगवाई थी जिसके तहत सभी 31 बैंकों ने बैंकों के अलावा 232 शाखाओं में सीसीटीवी कैमरे सही हालत में होने की रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। बैंकों की ओर से सीसीटीवी फुटेज डिलिट नहीं की जाती बल्कि क्षमता के बाद करीब डेढ़ माह से पहले की फुटेज अपने-आप ही डिलिट हो जाती है। बिजली का संकट बैंकों पर असर नहीं डालता क्योंकि जिले में एक भी ऐसा बैंक नहीं है जहां जनरेटर की व्यवस्था न हो। लाइट जाने से न तो बैंकों का काम रुकता है और न ही सीसीटीवी कैमरे बंद होते हैं क्योंकि जनरेटर से बिजली आपूर्ति शुरू हो जाती है।
बता दें कि आरबीआई द्वारा सभी बैंकों को आठ नवंबर से 31 दिसंबर तक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सहज कर रखने के निर्देश दिए हैं। अब तक किसी बैंक ने फुटेज डिलिट नहीं की है और अब निर्देश जारी होने के बाद तो फुटेज डिलिट करने का सवाल ही नहीं उठता। यदि फिर भी किसी बैंक ने ऐसा किया तो वह संदेह के घेरे में आ सकता है। यह तो 31 दिसंबर के बाद ही मालूम होगा कि आरबीआई इन फुटेज को अपनी जांच में किस प्रकार इस्तेमाल करेगी। उल्लेखनीय है कि देश भर के सैकड़ों बैंकों में नोट बंदी के बाद करेंसी से जुड़े कई मामले प्रकाश में आए हैं।