सिरसा। हत्या के एक मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी पिता-पुत्र को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत अवधि को सजा के लिए पर्याप्त मानते हुए अंडरगोन कर दिया। दोषी पिता-पुत्र वर्ष 2019 से जिला जेल में बंद थे। वहीं, न्यायालय ने तीसरे आरोपी को सबूत के अभाव में बरी कर दिया।
मामले के अनुसार बठिंडा के धोबियों वाला मोहल्ला निवासी परमजीत बौर अपने पति कश्मीर सिंह के साथ गांव साहूवाला निवासी किसान गुरदीप सिंह के खेत मेंं नवंबर 2019 नरमा चुगने आई हुई थी। यहां पर उसी के मोहल्ले में रहने वाला बंत सिंह भी अपने पुत्र बिट्टू सिंह के साथ नरमा चुगने आया हुआ था। 22 नवंबर 2019 को बंत सिंह व उसका बेटा बिट्टू सिंह शराब के नशे मेंं कश्मीर सिंह से गाली गलौज करने लगा। गुस्से मेंं आकर बंत सिंह, बिट्टू व रूप सिंह ने लोहे की रॉड से कश्मीर सिंह पर हमला कर दिया। घायल कश्मीर सिंह को उसकी पत्नी परमजीत कौर ने ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंचाया। जहां पर डॉक्टरों ने जांच के बाद कश्मीर सिंह को मृत घोषित कर दिया।
वहीं घटना की सूचना मिलने पर थाना बड़ागुढ़ा पुलिस अस्पताल पहुंची और मृतक कश्मीर सिंह की पत्नी परमजीत कौर का बयान दर्ज किया। परमजीत कौर ने पति की हत्या का आरोप बंत सिंह, बिट्टू, व रूप सिंह पर लगाया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय मेंं सुनवाई के दौरान मामला हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या का पाया गया।
सोमवार को इस मामले का निपटारा करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने आरोपी बंत सिंह व बिट्टू सिंह को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए अंडरगोन कर दिया। जबकि आरोपी रूप सिंह को सबूत के अभाव मेंं बरी। दोषी पिता-पुत्र 4 साल 5 महीने न्यायिक हिरासत के तहत जेल मेंं बंद रहे। न्यायालय ने इस अवधि को सजा के लिए पर्याप्त माना।