संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहरवासी वर्षों से शुद्ध पेयजल सप्लाई को तरस रहे हैं। शहर की करीब 50 हजार की आबादी को आज भी शुद्ध पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। इस बार के चुनाव में पेजयल सप्लाई बड़ा मुद्दा है। जनता का राजनेताओं के प्रति आक्रोश है। लोगों का कहना है कि शुद्ध पेयजल सप्लाई को लेकर वे राजनेताओं तक गुहार लगाते हैं। नेताओं को केवल चुनाव के समय हमारी याद आती है। इस चुनाव में नेताओं को इसका जवाब देना होगा।
शुद्ध व नहरी पेयजल का मुद्दा केवल सिरसा विधानसभा का ही नहीं, ऐलनाबाद, डबवाली विधानसभा क्षेत्र का भी है। यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। वर्ष 2023 की बात करें तो सबसे ज्यादा प्रदर्शन पेयजल सप्लाई को लेकर देखने को मिले। इतना ही नहीं, कई गांवों में आज भी लोग इन समस्या को लेकर धरना दिए हुए हैं। शुद्ध पेजयल सप्लाई की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़कर लोग प्रदर्शन करते हुए नजर आए थे। इससे सरकार व अधिकारियों की खूब फजीहत हुई थी।
25 कॉलोनियों को वैध किए जाने के बाद बढ़ी मांग
शहर की 25 अवैध कॉलोनियों को वैध किए जाने से पानी की मांग बढ़ जाएगी। हालांकि मौजूदा समय में जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से भविष्य के अनुरूप योजना बनाकर चतरगढ़ पट्टी के वाटर टैंक की क्षमता दो गुना की गई है। इससे शहर की आधी आबादी को शुद्ध नहरी पानी सप्लाई किया जा सके। इतना ही नहीं, इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद 50 से ज्यादा ट्यूबवेल को विभाग की ओर से बंद कर दिया जाएगा। इस समय 120 ट्यूबवेल चलाकर विभाग पानी की सप्लाई कर रहा है।
यह बनाए गई है योजना
जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर को शुद्ध पेयजल सप्लाई मुहैया करवाने के लिए विशेष योजना के तहत काम शुरू हो गया है। पंजुआना जलघर से विशेष पेयजल लाइन चतरगढ़ पट्टी जलघर तक लाई गई है। करोड़ों रुपये की लागत से बिछाई जा रही लाइन का काम लगभग पूर्ण होने को है। इस योजना के तहत पंजुआना जलघर में ही अतिरिक्त टैंक बनाए जाएंगे। इस योजना के शुरू होने से आधे शहर में शुद्ध पेयजल सप्लाई पूर्ण रूप से शुरू हो जाएगी।
वर्जन
जलघर के साथ कॉलोनी बसी हुई है। इसके बाद भी पेजयल सप्लाई को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता है। वे राजनेताओं तक गुहार लगा चुके हैं। नेताओं को केवल चुनाव के समय हमारी याद आती है। इस चुनाव में नेताओं को इसका जवाब देना होगा। - बनवारी लाल, शहरवासी।
नहरी पानी की पूर्ण रूप से सप्लाई होनी चाहिए। ट्यूबवेल का पानी पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाता है। कई बार अधिकारियों व नेताओं को भी अवगत करवाया है, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला है। - जगजीत सिंह, शहरवासी।
बारिश के दिनों में पेयजल सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित होती है। पानी में सीवरेज का पानी मिक्स होकर आता है, क्योंकि सीवर ओवरफ्लो रहते हैं। इस कारण दूषित पेयजल सप्लाई के हालात बने रहते हैं। - विजेंद्र उपाध्याय, शहरवासी।
वर्जन
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में शुद्ध पेयजल सप्लाई को लेकर प्रोजेक्ट बनाए गए थे। ऐलनाबाद क्षेत्र की समस्या का स्थाई समाधान किया जा चुका है। शहर में लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण होने को है। शुद्ध पेयजल सप्लाई करना हमारा फर्ज है। - जसवंत सिंह, एसई, जन स्वास्थ्य विभाग।