बृहस्पतिवार रात और शुक्रवार सुबह हुई भारी बरसात के चलते सिरसा शहर में हर ओर पानी ही पानी भर गया।
अग्रसेन कॉलोनी, शिव चौक से सूरतगढियां बाजार, जनता भवन रोड, अनाजमंडी में कबीर चौक रोड, अंबेडकर चौक और बस स्टैंड के सामने बाढ़ जैसे हालात हो गए।
कई कालोनियां में घरों में पानी भी गया वहीं और सूरतगढियां बाजार क्षेत्र की करीब पांच तीन सौ दुकानें जनभराव के कारण बंद रही।
प्रशासन के पास वहीं एक जवाब कि जलनिकासी के प्रबंध जारी है, शहर को इससे शीघ्र ही निजात मिल जाएगी। शहर में बृहस्पतिवार रात से ही बारिश शुरू हो गई।
पूरी रात रुक-रुक कर बारिश होती रही। जब लोग अपने घरों से निकले तो शहर का नजारा ही बदला-बदला सा था। लोगों के घुटनों से ऊपर हर चौक पर पानी जमा था।
न चाह कर भी लोगों को पानी से गुजरना पड़ा। कुछ लोग तो पानी में वाहनों के साथ ही गिर गए। कई लोगों के वाहन बीच में ही बंद हो गए। सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को भी बारिश होने से परेशानी हुई।
प्रशासन के दावों की खुली पोल
बारिश ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। सीवरेज लाइन ठप हो गई। प्रशासन ने दावा जताया था कि शहर में अब पानी नहीं खड़ा होगा। अगर खड़ा होगा तो ज्यादा देर तक नहीं। लेकिन बारिश ने प्रशासन के दावों की पोल खोल कर रख दी है।
डिस्पोजल प्लांट की बिजली खराब
इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन राकेश शर्मा ने बताया कि केलनिया रोड पर बने डिस्पोजल प्लांट की 10 घंटे से बिजली खराब थी। अब बिजली ठीक हुई है जल्द ही शहर का पानी सीवरेज के माध्यम से पानी निकाल दिया जाएगा।
यहां पर इतनी हुई बारिश
सिंचाई विभाग के अनुसार सिरसा में 45 एमएम, पंजुआना में 35, ओटू में 30, खुइयां में 26, रोडी में 20, कालांवाली में 25, अबूब शहर में 25 एमएम बारिश दर्ज की गई।
कोई काम नहीं हुआ
अखिल भारतीय पंजाबी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सेतिया ने कहा कि पिछले पांच सालों में शहर इतना उजड़ गया है कि आज हल्की सी बरसात भी लोगों के लिए आफत बन जाती है।
मौजूदा विधायक विकास की दुहाई जरूर देते हैं मगर अब वे स्वयं ही इस शहर की दुर्दशा देख लें क्योंकि असली कसूरवार वे भी हैं जिन्होंने विकास के नाम पर लोगों को धोखा दिया है।