डिंग मंडी। वार्ड 7 और 8 में बन रहे नए बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण कार्य पिछले लगभग दस महीने से बंद पड़ा है। भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है लेकिन अन्य आवश्यक काम अधूरे होने के कारण परियोजना अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इस वजह से क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल अधूरी ही रह गई है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की देखरेख में यह बूस्टिंग स्टेशन तैयार किया जा रहा था। योजना पूरी होने पर वार्ड 7 और 8 सहित आसपास के क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बेहतर होने की संभावना थी। ग्रामीणों को भरोसा था कि बूस्टिंग स्टेशन चालू होने के बाद पानी की किल्लत में काफी हद तक कमी आएगी लेकिन निर्माण कार्य बीच में रुक जाने से लोगों को अब भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि नहर में पानी बंद होने के तुरंत बाद क्षेत्र में पेयजल की समस्या गंभीर हो जाती है। कई बार लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है या निजी साधनों का सहारा लेना पड़ता है। गर्मी के दिनों में यह समस्या और भी बढ़ जाती है। ऐसे में अगर बूस्टिंग स्टेशन शुरू हो जाता तो क्षेत्र में पानी की आपूर्ति नियमित हो सकती थी।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
नहर में पानी बंद होते ही हमें पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। यदि बूस्टिंग स्टेशन चालू हो जाता तो वार्ड के लोगों को काफी फायदा मिलता और पानी की समस्या से राहत मिलती। - मोहन लाल, ग्रामीण
करीब दस महीने से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। भवन लगभग तैयार है लेकिन बाकी काम अधूरा है। विभाग को जल्द से जल्द शेष कार्य पूरा करवाना चाहिए ताकि लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल सके। - लादू राम, ग्रामीण
यह जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का कार्य है। बूस्टिंग स्टेशन बन जाने से गांव के बड़े तबके को पानी की बेहतर सुविधा मिल सकती है लेकिन लंबे समय से काम रुका होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। विभाग से जल्द निर्माण कार्य पूरा करवाने की मांग है। - दरिया सिंह, सरपंच, डिंग मंडी।
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ठेकेदार ने बीच में काम रोक दिया था। इस मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है और सरकारी खजाने को हुए नुकसान की भरपाई करवाई जाएगी। मामला अभी प्रक्रिया में है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए ठेकेदार के माध्यम से बचे हुए कार्य को पूरा कराया जाएगा ताकि बूस्टिंग स्टेशन जल्द शुरू हो सके और लोगों को पानी की बेहतर सुविधा मिल सके। - दीपक कुमार, एसडीओ, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।