सिरसाा। घग्गर नदी से निकलने वाली रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल से किसान पानी उठाने के लिए बिजली की मोटर का उपयोग नहीं कर सकेंगे। पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट ने 17 सितंबर किसानों की याचिका पर कोई आदेश पारित न करते हुए इसका निपटारा किया है। न्यायाधीश हर्ष बंगर ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि बिजली निगम के मानदंडों के अनुसार नहर का पानी निकालने के लिए कृषि बिजली कनेक्शन के उपयोग की अनुमति देने का कोई प्रावधान नहीं है।
यह स्थिति संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी किए गए निर्देशों के माध्यम से स्पष्ट की गई है। इसलिए निगम की ओर से रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल से पानी उठाने के लिए बिजली मोटर के उपयोग की अनुमति अस्वीकार कर दी गई है। याचिकाकर्ता ईश्वर देव एवं अन्य ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से याचिका दायर कर उप-मंडल अधिकारी पंजुआना, जिला सिरसा की ओर से 17 फरवरी 2025 को जारी किए गए नोटिस को रद्द करने की मांग की थी। इसमें याचिकाकर्ताओं को रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल से बिजली मोटरों का उपयोग करके पानी निकालने से रोका गया है।
चैनल के अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा था पानी
फरवरी माह में सिंचाई विभाग ने रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल पर पर बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान खरीफ चैनल में बड़े पैमाने पर लगी अवैध पाइपों को हटाया गया। सिंचाई विभाग के मुताबिक चैनल में पंप लगाकर पानी लेने की अनुमति है, लेकिन कुछ किसान नहर में अवैध पाइप लगाकर बोरवेल में पानी डाल रहे थे। इस पर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने आपत्ति जताई। अवैध पाइप के कारण रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल, नाईवाला खरीफ चैनल और जीबीएसएम लिंक चैनल के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था।
बिजली निगम ने नोटिस जारी कर लगाई थी रोक
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना था कि नहर के किनारों पर बिजली की अनेक मोटरें लगी हुई है, जिनसे पानी उठाकर दूर दूर तक पानी ले जाया जा रहा है। विभाग की गाइडलाइन के अनुसार फ्लडी नहर के आसपास ट्यूबवेल व बिजली के कनेक्शन वाली मोटरें लगाना गैर कानूनी है। इसके बावजूद भी बिजली विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसके बाद बिजली निगम ने नोटिस जारी कर किसानों को रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल से बिजली मोटरों का उपयोग करके पानी निकालने से रोक दिया।