सिरसा। रोडवेज डिपो में अनुबंध के आधार पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया में भारी धांधली का मामला सामने आया है। आरोप के अनुसार सिरसा रोडवेज डिपो के महाप्रबंधक ने खुद अपने ही लड़के को रखने के लिए नियमों की धज्जियां उड़ा दी।
सीएम विंडो में की गई शिकायत में आरोप है कि आवेदन फार्म और रसीद में कटिंग कर आवेदन फार्म को ही बदल दिया गया। मुख्यालय के सामने यह मामला सामने आने पर जांच के आदेश दिए गए है। मामले की शिकायत सीएम विंडो पर होने के बाद विभाग हरकत में आया और जांच शुरू की।
गौरतलब है कि जून माह में मुख्यालय के आदेश पर सिरसा रोडवेज डिपो के कर्मशाला में अनुबंध के आधार पर कुछ कर्मचारियों को रखनेे के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसमें से स्टोर मैन, सहायक मैकेनिक, सहायक विद्युतकार, सहायक वेल्डर, कारपेंटर, सहायक अपोस्टर, रेडियेटर रिपेयर मैकेनिक, लोहार आदि शामिल थे। फार्म भरने की अंतिम तिथि 14 जुलाई को थी। इस प्रकार की भर्ती प्रक्रिया से पूर्व एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाता है, लेकिन सिरसा रोडवेज प्रबंधन की ओर से नोडल किसी को नोडल अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया। यहां तक की फार्म पर डायरी नंबर भी नहीं दिया गया।
बताया जाता है कि इस प्रकार की भर्ती के दौरान फार्म के साथ उपयुक्त राशि ड्राफ्ट, आईपीओ या चालान के माध्यम से ली जाती है। लेकिन कुछ अभ्यार्थियों से नकद राशि ली गई, इस राशि की रसीद स्थापना शाखा द्वारा काटी गई। यहां पर फीस जमा करने का कोई प्रावधान ही नहीं है। सिरसा रोडवेज डिपो में कैश ब्रांच पहले से है, नियमानुसार यहीं से रसीद काटने का प्रावधान होना चाहिए था। आश्चर्य वाली बात तो यह है कि यह राशि नियमानुसार बैंक में हर रोज जमा नहीं करवाई जा रही थी। सभी फार्म जमा होने के बाद बाद में इस रसीद पर कटिंग किया गया और फार्म बदला गया। यह मामला तब सामने आया जब रोडवेज महाप्रंधक रामकुमार के लड़के कुलदीप का फार्म पहले स्टोर मैन पद के लिए भरा गया था, जिसको कुछ समय बाद में बदलकर सहायक अपोस्टर पद में बदल दिया गया। इसकी जमा राशि की रसीद में कटिंग कर फार्म बदला गया। सहायक अपोस्टर बसों की सीट सिलाई का काम है। इस मामले की शिकायत सीएम विंडो में हुई उसके बाद जांच शुरू हो गई।
रोडवेज महाप्रबंधक रामकुमार ने बताया कि जांच हुई है पहली जांच में कुछ नहीं पाया गया तो जांच को फाइल कर दिया गया था। उसके बाद मुख्यालय की ओर से दूसरी बार भी जांच की गई जिसमें कोई अनियमितता सामने न आने पर जांच फाइल कर दी गई है। गड़बड़ जैसी कोई बात नहीं है।