सिरसा। उप निदेशक कृषि डॉ. बाबूलाल ने बताया कि हरसेक के माध्यम से विभिन्न गांवों में फसल अवशेष में आगजनी की 19 लोकेशन प्राप्त होने पर संबंधित व्यक्तियों पर 22 हजार 500 रुपये जुर्माना किया गया है। इसके अलावा गांव जीवन नगर, बहिया, नरेलखेड़ा, भावदीन व ओटू में आगजनी की घटना पर पुलिस शिकायत भी करवाई गई है। हरसेक द्वारा गांव बहिया, भावदीन, चामल, फिरोजाबाद, हारनी खूर्द, खेरेकां, कुत्ताबढ़, माधोसिंघाना, मंगाला, मोहम्मदपुर सलारपुर, नरेलखेड़ा, रानियां, जीवन नगर व रोड़ी में एक-एक, थोबड़ीया में 2 तथा करीवाला में 3 लोकेशन प्राप्त हुई थी।
उन्होंने बताया कि धान की पराली को आग न लगाकर किसान पराली का उचित प्रबंधन करें ताकि पराली जलाने से वातावरण में होने वाले प्रदूषण से बचा जा सके। पराली को जलाने से भूमि की उपजाऊ शक्ति कम होती है व जमीन के सूक्ष्म जीव भी खत्म हो जाते है। उन्होंने बताया कि पराली प्रबंधन के लिए हरियाणा सरकार द्वारा पंजीकृत गोशालाओं को किसान के खेत से पराली उठाने के लिए परिवहन प्रोत्साहन राशि 500 रुपये प्रति एकड़ तथा अधिकतम 15 हजार रुपये प्रति गोशाला दी जाएगी। हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को खेत में धान की पराली को मिट्टी में मिलाने व गांठें बनाने के लिए भी एक हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी जिसके लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा।