सिरसा। अदालत ने पत्नी की हत्या में शामिल आरोपी पति की अंतरिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपी गुरमेश सिंह ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में 60 दिन की अंतरिम जमानत के लिए 19 मार्च को याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश नितिन किनरा ने याचिका को खारिज कर दिया।
अदालत ने फैसले में कहा कि याचिका में यह स्पष्ट नहीं किया कि आरोपी की मां किस बीमारी से ग्रस्त है उसका इलाज कहां चल रहा है और देखभाल में कितना समय लगेगा। ऐसे में मां की बीमारी के आधार पर अंतरिम जमानत देने के पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं किए गए। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी पर अपनी पत्नी की हत्या में शामिल होने का गंभीर आरोप है।
इस मामले में शिकायतकर्ता आरोपी का साला है जो घटना का प्रत्यक्षदर्शी गवाह भी है। अदालत ने आशंका जताई कि आरोपी जमानत मिलने पर वह गवाहों या सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है।
भाई ने अपनी आंखों से बहन को मरते देखा था : पुलिस को दिए बयान में गांव धानी निवासी सुरजीत सिंह ने बताया था कि उसकी बहन राममूर्ति देवी की शादी गांव सकता खेड़ा के गुरमेश सिंह से हुई थी। शादी के बाद ससुराल वाले उसकी बहन को प्रताड़ित करने लग गए। गुरमेश ने उसकी बहन को कई बार जान से मारने की धमकी दी। इसके लिए कई बार पंचायतें भी हुईं।
सुरजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि 28 जुलाई 2025 को वह अपनी बहन मिलने जा रहा था। घर के पास उसे अपनी बहन की चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। उसने पास जाकर देखा तो गुरमेश का भाई संजय उसकी बहन पर कुल्हाड़ी से वार कर रहा था और जीजा गुरमेश सिंह संजय को उसे पूरी तरह से खत्म कर देने के लिए उकसा रहा था। पुलिस ने सुरजीत के बयान पर संजय पर हत्या व गुरमेश पर हत्या में शामिल होने के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया था।