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बिना अनुमति लैब में लिए जा रहे थे कोरोना के सैंपल, की कार्रवाई

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सांगवान चौक के निकट स्थित निजी लैब में बिना अनुमति के लोगों के कोरोना सैंपल लेने और लोगों को ठगने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को कार्रवाई की। टीम ने मौके से पांच सैंपल बरामद किए हैं। विभाग की ओर से लैब संचालक हिमांशु व कुशल गोयल के खिलाफ धोखाधड़ी और महामारी अधिनियम में केस दर्ज करने के लिए शहर थाना पुलिस को शिकायत दी है। लैब संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है।
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स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली कि एक लैब में बिना अनुमति के ही कोरोना सैंपल लिए जा रहे हैं। विभाग की टीम ने चालक सुरेंद्र कुमार को डमी ग्राहक बना लैब संचालक के पास भेजा। इसके पश्चात लैब संचालक ने ग्राहक से 1150 रुपये ले लिए। ग्राहक के सैंपल लेकर 900 की रसीद दे दी और 250 रुपये का सैंपल चार्ज के काट लिए। डमी ग्राहक ने बाहर खड़े स्वास्थ्य विभाग टीम के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बुधराम को इशारा कर बुला लिया और टीम ने जांच करनी शुरू कर दी। इस कार्रवाई पर लैब संचालक टीम सदस्यों के साथ बहस करते हुए नजर आया।
लैब संचालक लोगों के साथ कर रहे थे ठगी
लैब संचालक ने शहर में पंपलेट्स बंटवाकर 1150 रुपये में कोरोना के आरटीपीसीआर सैंपल करवाने के दावे किए थे। दावे में लिखा था कि उक्त सैंपल की रिपोर्ट विदेश जाने में सहायक है। ऐसे में लैब संचालकों की ओर से सात घंटे के भीतर ही कोरोना के सैंपल की रिपोर्ट आने का दावा किया गया, जबकि आरटीपीसीआर सैंपल की रिपोर्ट 24 घंटे में आती है। लैब संचालक फर्जी तरीके से लोगों को रिपोर्ट बनाकर दे रहे थे। विभागीय जांच में सामने आया कि कोरोना सैंपल के लिए लैब संचालक ने स्वास्थ्य विभाग से कोई अनुमति नहीं ली थी। इसके अलावा वह पंजाब में किलियांवाली में स्थित लैब पर सैंपल जांच करवाने के दावे कर रहा है। पंजाब के लैब संचालक का कहना है कि वे आरटीपीसीआर नहीं, बल्कि ट्रयू नॉट सैंपल करते हैं।
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डिप्टी सिविल सर्जन बोले- बिना अनुमति ले रहे थे सैंपल
ग्लोबल पैथोलोजी लैब में बिना पीपीई किट पहने सैंपल लिए गए। पूछताछ में संचालक ने बताया कि वे डबवाली में किलियांवाली स्थित लैब से सैंपल की जांच करवाते हैं। उसके बाद टीम ने मौके से पांच कोविड सैंपल बरामद किए। लैब संचालक सैंपलिंग के नाम पर लोगों को ठग रहा है। आरटीपीसीआर सैंपल के निजी लैब पर 499 रुपये सरकारी रेट है, जबकि लैब संचालक 1150 रुपये ले रहा था और आरटीपीसीआर की जगह ट्रयू नॉट जांच कर रहा था।
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- डॉ. बुधराम, डिप्टी सिविल सर्जन
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