गांव सिकंदरपुर में तीन एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर तनाव हो गया। सुबह गांव में इस निर्माण कार्य के विरोध में ग्रामीण इकट्ठे हो गए। तनाव को लेकर डीएसपी राजेश चेची पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं प्रशासन की ओर से तहसीलदार ने मौके का निरीक्षण किया। पंचायत के विरोध के बाद निर्माण कार्य रूकवा दिया। पूर्व में लोकल कमीशन के रूप में नियुक्त कानूनगो की रिपोर्ट को भी निरस्त कर दी गई। तहसीलदार की ओर से नायब तहसीलदार को अब लोकल कमीशन नियुक्त किया है और वे अपनी रिपोर्ट देंगे।
जानकारी के अनुसार सिकंदरपुर गांव में तीन एकड़ पंचायती जमीन का काफी समय से विवाद चल रह था। कुछ दिनों पहले मार्केट कमेटी ने इसे अस्थायी मंडी बनाने का निर्णय लिया जिसपर पंचायत ने सहमति दे दी। इसके लिए जमीन पर मिट्टी डाली गई। लेकिन एकाएक जमीन पर एक व्यक्ति ने तारबंदी और अपने नाम का मीटर लगवा लिया। ग्रामीणों को जमीन पर कब्जा होने का संदेह हुआ। गांव के ही एक व्यक्ति ने तहसीलदार को दरख्वास्त दी थी कि आबादी देह की जगह में उनका कब्जा है और चारदीवारी बनी हुई है। बिजली, पानी कनेक्शन लेना है, इसलिए कब्जा तसदीक किया जाए। तहसीलदार ने कानूनगो को लोकल कमीशन नियुक्त कर दिया और उसने अपनी रिपोर्ट भी दे दी। अब संबंधित व्यक्ति निर्माण कार्य करने लगा तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। कानूनगो की रिपोर्ट को भी गलत बताया। इसके बाद प्रशासन ने निर्माण कार्य रुकवाने के साथ ही नायब तहसीलदार को लोकल कमीशन नियुक्त कर दिया है। तहसीलदार श्रीनिवास ने बताया कि सरपंच ने विरोध जताते हुए शिकायत दी है, जिसके बाद कानूनगो की रिपोर्ट को निरस्त कर दिया है। वहीं डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि तनाव को लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।