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तनाव के बीच ग्रामीणों ने बंद कराया स्कूल

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अध्यापक की कथित पिटाई के बाद सुसाइड नोट लिख नहर में कूदकर छात्र द्वारा आत्महत्याकरने के बाद से गांव सुकेराखेड़ा में तनाव पूर्व माहौल बना हुआ है। मंगलवार को ग्रामीणों की धमकी के बाद स्कूल में कक्षाएं नहीं लगी। सुबह करीब साढ़े पांच बजे एकत्र होकर ग्रामीणों ने विद्यालय चौकीदार को स्कूल न खोलने के लिए कहते हुए खंड शिक्षा अधिकारी संत कुमार को भी आगाह किया। सूचना पर संत कुमार मौके पर पहुंचे और आदेश पर स्कूल बंद करा दिया।
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बता दें कि गांव सुकेराखेड़ा के राजकीय उच्च विद्यालय में पढ़ने वाले जयचंद ने सोमवार दोपहर बाद राजस्थान कैनाल में कूदकर जान दे दी थी। परिजनों को उसके स्कूल बैग से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसमें उसने आत्महत्या के लिए विद्यालय के समाजशास्त्र के प्रवक्ता मनीष कुमार को उत्तरदायी ठहराया था। चौटाला पुलिस ने जयचंद के बड़े भाई पुरुषोत्तम के बयान पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में प्राध्यापक के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

26 घंटे बाद बरामद हुआ शव
राजस्थान कैनाल में 26 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद छात्र जयचंद का शव बरामद कर लिया गया। चौटाला चौकी प्रभारी धन सिंह ने बताया कि नहर की पटरी पर जिस जगह छात्र की चप्पल तथा साइकिल मिली थी। उससे करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नहर में से छात्र का शव बरामद किया गया है। सोमवार शाम गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चला गया था। मंगलवार दोपहर बाद करीब दो बजे शव ऊपर आ गया। जिसे गोताखोरों की मदद से बाहर निकाल लिया गया। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। चौकी प्रभारी ने कहा कि आरोपित अध्यापक को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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नहीं आया आरोपी अध्यापक
प्रिंसिपल ने बताया कि सोमवार को मामला सामने आने के बाद मनीष से संपर्क हुआ था। उसके बाद पुन: संपर्क नहीं हो सका। मंगलवार सुबह वह विद्यालय नहीं पहुंचा। उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है।

शिक्षा विभाग ने बुलाई बैठक, होगी जांच
दसवीं के छात्र जयचंद के आत्महत्या के मामले को लेकर शिक्षा विभाग ने गंभीर रुख अपनाया है। विभाग ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी कर ली है। वहीं मामले की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी ने आगामी तीन सितंबर को खंड डबवाली के सभी विद्यालय प्रभारियों की बैठक बुलाई है।

बीईओ संत कुमार ने बताया कि आरटीई के तहत अध्यापकों को निर्देश जारी हैं कि वे बच्चों को शारीरिक दंड न दें। सोमवार को हुआ मामला बेहद गंभीर है। तीन सितंबर को होने वाली बैठक में स्कूल हैड से विस्तृत चर्चा की जाएगी। पुलिस जांच के साथ-साथ शिक्षा विभाग अपने स्तर पर भी जांच करेगा।
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