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Sirsa News: तापमान पहुंचा 43.6 डिग्री, ओपीडी में मरीजों की संख्या 550 तक पहुंची

Fri, 24 Apr 2026 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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नागरिक अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन। संवाद
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-डायरिया, सीने में संक्रमण व सांस के मरीज बढ़े
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फोटो- 16,17
संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली सिरसा। जिले में तापमान 43.6 डिग्री पार पहुंच गया है। लू चलने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल रहा है। लू के कारण रात का तापमान भी 24.9 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। इस कारण बच्चे और बुजुर्ग गर्मी की चपेट में आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में भी इजाफा हुआ है।

नागरिक अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सामान्य दिनों में ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 350 से 400 मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह संख्या बढ़कर 500 से 550 तक पहुंच गई है। अस्पताल परिसर में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
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अतिरिक्त वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी हरसिमरन सिंह ने बताया कि अस्पताल में सभी आवश्यक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैंं। चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों की देखभाल में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि मौसम में परिवर्तन के कारण बुखार, बीपी और शुगर के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है।
डॉ. सिंह ने अभिभावकों को सलाह दी कि इस तेज गर्मी में बच्चों के स्वास्थ्य का खास ध्यान रखें व अपने बच्चों को बाहर का खाना और फास्ट फूड देने से बचें। उन्हें घर का बना ताजा और पौष्टिक भोजन दें। साथ ही मौसमी फलों का सेवन अधिक कराएं ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके। पानी की गुणवत्ता और व्यक्तिगत स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
डॉ. हरसिमन सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में गेहूं के सीजन में धूल व तुड़ी के कणों के कारण छाती में संक्रमण और सांस से संबंधित बीमारियों के मामले भी बढ़ रहे हैं। वहीं, लू लगने के कारण डायरिया के मरीज भी आ रहे हैं। अस्थमा और पुराने श्वसन रोगों से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह से ही दवा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धूल-मिट्टी और प्रदूषित वातावरण से बचें क्योंकि धूल के कण सांस की नली को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत बढ़ जाती है।
डाॅ. हरसिमरन ने बताया कि गर्मी और लू के दृष्टिगत आमजन इस मौसम में आवश्यक सावधानियां बरतें और गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए सुरक्षात्मक उपाय अपनाएं। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का खास ध्यान रखा जाए क्योंकि लू के कारण शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि नागरिक दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। अत्यधिक तापमान की स्थिति में भारी श्रम वाले कार्यों से बचें।

शरीर को रखें हाइड्रेट
शरीर में पानी की कमी करने वाले पेय जैसे चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेयों का सेवन सीमित करें तथा बासी व अधिक प्रोटीन युक्त भोजन से परहेज करें। डॉ. सिंह ने कहा कि प्यास न लगने पर भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। हल्के रंग के ढीले एवं सूती कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय सिर और चेहरे को ढकें तथा चश्मा, छाता, टोपी या दुपट्टे का प्रयोग करें। बाहर जाते समय अपने साथ पानी अवश्य रखें। लस्सी, छाछ, नींबू पानी जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करें, जो शरीर को हाइड्रेट रखते हैं।
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कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द लू लगने के लक्षण
लू के लक्षण जैसे कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द या दौरे आने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। उन्होंने कहा कि घरों को ठंडा रखने के लिए पर्दों और वेंटिलेशन का उपयोग करें तथा ठंडे पानी से स्नान करें। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अधिकांश मरीजों का इलाज नागरिक अस्पताल में ही किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को रेफर किया जाता है। गर्म व ताजा भोजन करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, साफ-सफाई रखें और बदलते मौसम के अनुसार अपने पहनावे व दिनचर्या में बदलाव करें और आवश्यक होने पर मास्क का उपयोग करें।
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