मंदिर में मथा टेकने आए श्रद्धालु।
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अनलॉक-1 के नियमों और शर्तों के अनुसार सोमवार से धार्मिक स्थान खुलने शुरू हो चुके हैं। करीब ढाई महीने बाद श्रद्धालुओं का मंदिर जाने का इंतजार तो खत्म हो गया है, लेकिन मंदिर में पहले दिन न ही तो तिलक लगा और और न ही प्रसाद मिला। इसके लिए श्रद्धालुओं को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। वहीं पुजारी भी भक्तों को झाड़ा नहीं लगा रहे। संक्रमण से सुरक्षा प्रबंधों को लेकर मंदिर के बाहर पुजारी आने वाले श्रद्धालुओं को पहले सैनिटाइज कर रहे हैं और उसके बाद उसकी स्क्रीनिंग कर मंदिर में भेज रहे हैं। वहीं मंदिर के बाहर लगा घंटा भी उतार दिया गया है।
जिले में अनलॉक-1 को लेकर प्रशासन और धार्मिक स्थानों पर संक्रमण से सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। धार्मिक स्थानों में मंदिर खुलने के बाद मंदिर में पुजारी भी सुरक्षा बरत रहे हैं। इस दौरान मंदिर में एक साथ छह श्रद्धालुओं से ज्यादा अंदर जाने की अनुमति नहीं है। इसी को लेकर सिरसा के श्री बाला जी धाम मंदिर में संक्रमण से बचने के लिए मंदिर में पुजारी और प्रबंधक ने पहले से ही तैयारियां पूरी कर ली थी। मंदिर में एक स्टील की ग्रील लगाई गई है, जिससे आने वाले भगतों में सामाजिक दूरी बनी रहे। वहीं मंदिर के बाहर दो लोगों को खड़ा किया है, जिसमें जो श्रद्धालु बिना मास्क आ रहे हैं उनको मास्क दिए गए और दूसरे श्रद्धालुओं को सैनिटाइज कर उनकी स्क्रीनिंग की गई उसके बाद ही श्रद्धालुओं को अंदर जाने दिया गया। मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं के लिए गोले भी लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु सामाजिक दूरी पर ही खड़े रहेंगे।
माथा टेककर आए बाहर, नहीं मिली चरणामृत
पहले दिन मंदिर में आने वाले लोग सामाजिक दूरी से ही अंदर आए और मथा टेककर बाहर आ गए। वहीं मंदिर में एक बोर्ड भी लगाया गया है, जिस पर सभी सूचनाएं और नियम लिखे हुए हैं। मंदिर के प्रबंधक संजय शर्मा ने बताया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु केवल प्रसाद लेकर आ सकते हैं, लेकिन उन्हें न ही तो प्रसाद दिया जा रहा और न ही उनको झाड़ा लगाकर तिलक निकाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने जो निर्देश दिए हैं उनका अच्छे तरीके से पालन किया जा रहा है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को पुजारी से भी दूूरी बनानी पड़ेगी। वहीं मंदिर में एक समय में केवल छह श्रद्धालुओं को अंदर आने की अनुमति दी गई है।