जिला नागरिक अस्पताल में मित्रता क्लीनिक पर लगा पड़ा ताला। संवाद
सिरसा। पढ़ाई का दबाव, घर की परेशानियां या मन में चल रही किसी उलझन को लेकर जब कोई किशोर काउंसिलिंग के लिए जिला नागरिक अस्पताल पहुंचता है तो उसे सबसे ज्यादा जरूरत किसी ऐसे व्यक्ति की होती है जो उसकी बात सुने और समझ सके। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों ऐसे किशोरों को काउंसिलिंग के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
मित्रता क्लीनिक की सेवाएं करीब एक सप्ताह से प्रभावित हैं और जिले के एकमात्र बाल काउंसलर कमल की ड्यूटी सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों में लगाई जा रही है। इसके चलते जब तक यह अभियान चल रहा है तब तक मित्रता क्लीनिक की ओपीडी प्रभावित रहेगी।
मित्रता क्लीनिक की ओपीडी में रोजाना करीब 15 से 20 किशोर पहुंचते हैं। इनमें मानसिक तनाव, पढ़ाई का दबाव, व्यवहार संबंधी परेशानी और दूसरी व्यक्तिगत समस्याओं से जूझ रहे किशोर शामिल होते हैं। कई मामलों में एक बार की बातचीत के बजाय नियमित काउंसलिंग की जरूरत होती है। ऐसे में काउंसलर की नियमित उपलब्धता नहीं होने से किशोरों की काउंसलिंग व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
कार्यक्रम वाले दिन अस्पताल से बाहर रहती है ड्यूटी : डॉ. पवन
सीएमओ डॉ. पवन कुमार ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के दौरान जब कार्यक्रम आयोजित होते हैं काउंसलर को वहां ड्यूटी पर भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि काउंसलर कुछ समय अस्पताल में भी सेवाएं दे रहे हैं और अभियान के कार्यक्रम हर रोज नहीं होते। विभागीय आदेश के तहत उपलब्ध स्टाफ की ड्यूटी लगानी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि मित्रता क्लीनिक में काउंसिलिंग की सुविधा लगातार बनी रहे। इसके लिए विभाग वैकल्पिक व्यवस्था तलाश रहा है।