सिरसा। मुख्य सचिव संजीव कौशल की अध्यक्षता में शुक्रवार को वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से वायु प्रदूषण नियंत्रण कार्यों की समीक्षा बैठक उपरांत उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने सभागार कक्ष में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने जिले में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उपायुक्त मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि जिले में पराली जलाने की घटनाएं न हो, इसके लिए गांव स्तर पर टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार खेतों में निगरानी कर रही हैं।
वीसी में अतिरिक्त उपायुक्त सुशील कुमार, एसडीएम सिरसा राजेंद्र कुमार, एसडीएम ऐलनाबाद डॉ. वेद प्रकाश बैनीवाल, एसडीएम डबवाली शंभू राठी, एसडीएम कालांवाली उदय सिंह, कृषि उप निदेशक डॉ. बाबू लाल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
कटाई वाले एरिया में रखें कड़ी निगरानी
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां पर कटाई का कार्य चल रहा है, उस एरिया में विशेष रूप से निगरानी रखी जाए। संबंधित एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में खेतों में जाकर निरीक्षण करें। किसानों को पराली प्रबंधन के महत्व के बारे में जागरूक करें। इसके साथ ही उन्हें पराली जलाने से होने वाले नुकसान से अवगत करवाएं। किसानों को पराली प्रबंधन यंत्रों के बारे में जानकारी दें और उन्हें यंत्रों को उपलब्ध करवाने में सहयोग करें।
पराली जलाने वालों पर लगाया जाए जुर्माना
उपायुक्त ने कहा कि जहां पर भी पराली जलाने की घटना सामने आती है, वहां पर संबंधित व्यक्ति पर तुरंत जुर्माना लगाने का काम करें। इसके साथ ही अन्य कोई भी आवश्यक कार्रवाई बनती है कि जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनके एरिया में पराली जलने की घटनाएं न हों।
डबवाली, कालांवाली व नाथूसरी चौपटा पर रखें विशेष फोकस
उपायुक्त ने कहा जिला के डबवाली, कालांवाली व नाथूसरी चौपटा एरिया में विशेष निगरानी रखी जाएं। यहां पर पराली जलाने की घटनाएं होने की अधिक संभावनाएं रहती हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित एसडीएम इन क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें। गांव में नंबरदारों को भी हिदायत दें कि वे अपने गांव में पराली जलाने की घटनाएं ना होने दें और यदि कोई ऐसा करता है, तो उसकी सूचना तुरंत वहां की कमेटी या प्रशासनिक अधिकारियों को दें।